विकासशील प्रदेश के वित्तमंत्री के जिले में शौचालय निर्माण में हुआ फर्जीवाड़ा

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। दमोह जिले के प्रशासन की तवज्जो कि जितनी तारीफ की जाए कम है कुछ नुमांदे प्रशासनिक रुतबे का बेजा इस्तेमाल करके नामी-बेनामी संपत्ति का आकूत भंडार करने में दिन रात एक किये हुएहै चाहे प्रदेश के मुखिया व मंत्रियों की साख पर कितने कलंक लग जाये। जिले को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित कराने के चक्कर में जिम्मेदारों का नया फर्जीवाड़ा उजागर है। इसमें ४६० पंचायतों के ७२ गांवों काके न केवल ओडीएफ घोषित कर दिया गया, बल्कि शासन को भी जानकारी भेज दी गई। दमोह जिले में ओडीएफ ७२ गांव हैं, जिनमें से बटियागढ़ जनपद में छ:, दमोह जनपद में नौ, हटा जनपद में पांच, जबेरा जनपद में दस, पटेरा जनपद में आठ, पथरिया जनपद में चार और तेंदूखेड़ा जनपद में ३० गांव शामिल हैं। जबकि शासन के ही एक सर्वे के अनुसार ग्रामीण परिवारों में शौचालय की सांख्यिकीय रिपोर्ट जिले केविकास की कुछ और ही गाथा सुनती है जबकि यह शासन का ही सर्वे है जो शासन के पक्ष के ज्यादा रहता है बटियागढ़ जनपद पंचायत के ओडीएपाऊ ग्राम पंचायत सगरोन गांव में ३७९ परिवार निवास करते हैं, १५५ घरों में शौचालय है जिनमें से ६३ उपयोगी हैं। इसी जनपद की ग्राम पंचायत पथरिया के ओडीएफ गांव इमलिया में १५ परिवार में शौचालय तो १५ के पास है जिनमें से उपयोगी चार हैं। ओडीएफ दलतपुरा में ३२५ परिवार व सभी में शौचालय तो हैं जिनमें से उपयोगी ५३ ही हैं। इसी तरह दमोह ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरदुआ मुडर केओडीएफ गांव खंचारीपटी में १८० परिवार हैं, जिनमें ९१ घरों में शौचालय हैं और ६० उपयोगी हैं। ग्राम पंचायत घाटपिपरिया का ओडीएाफ महुआखेड़ा गांव जिसमें कुल छ: परिवार हैं और चार परिवारों में शौचालय हैं। जिसका उपयोगभी नहीं हो रहा है। आनू पंचायत का ओडीएफ मडिया गांव में ४४ परिवार हैं, जिनमें से सभी के पास शौचालय तो हैं, जिनमें से उपयोगी केवल १४ हैं। पथरिया ब्लाक की ओडीएफ पंचायत रजवांस का घोघरी गुलाल गांव में ८८ परिवार निवासरत हैं, जिनमें से ७७ परिवारों में शौचालय हैं और ४१ शौचालय का उपयोग हो रहा है। इसी तरह ओडीएफ बेलखेड़ी पंचायत के पिपरिया लुहार गांव में ३० परिवार में २६ परिवार ही शौचालय उपयोग हो रहा है। झागर बालाकोट ग्राम पंचायत के डूमर बालाकोट गांव में ९८ परिवार हैं, ८२ घरों में शौचालय हैं, जिनमें से २५ उपयोगी हैं। पटेरा जनपद के ओडीएफ ग्राम पंचायत दतिया का बेलखेड़ी गांव में ११८ परिवार हैं, ४४ घरों में शौचालय हैं, चार उपयोगी हैं। पटेरा के रोड़ा ग्राम पंचायत के खेरीहरकिशन गांव में १९५ परिवार हैं, १७८ परिवारों में शौचालय और ३५ शौचालय उपयोगी हैं। हटा ब्लॉक के ओडीएफ ग्राम पंचायत बरखेराचौन के शिवरामपुरा गांव में ३७ परिवार हैं, २१ परिवार में शौचालय हैं, जिसमें उपयोगी कोई नहीं है। यही हाल ओडीएफ गांव हरदुआघुटरिया में २४२ परिवार हैं, ६४ परिवार में शौचालय है और रिपोर्ट के अनुसार उपयोगी एक भी नहीं है। जबेरा ब्लॉक की अमदर पंचायत का ओडीएफ गांव पटी मानगढ़ में ९८ परिवार निवासरत हैं और इस गांव में ३७ परिवारों में शौचालय है, उनमें से सिर्फ पांच शौचालय ही उपयोगी हैं, चिलौद पंचायत के ओडीएफ गांव सिमरी खुर्द में २५० परिवार हैं और २१४ परिवारों के यहां शौचालय है उसमें से ५९ का उपयोग हो रहा है, ३३ में तो पानी की व्यवस्था भी नहीं। तेंदूखेड़ा जनपद के ३० गांव ओडीएफ घोषित हुए हैं जिनमें दिनारी पंचायत का दसौदीमाल गांव में १२६ परिवार में से सिर्फ ९९ के पास शौचालय है और उनमें भी ९६ उपयोगी हैं, तथा इसी पंचायत कापिपरिया टीकाराम गांव जहां शौचालय ९४ परिवारों में हैं, लेकिन उपयोगी सिर्फ ८७ हैं। जामुन पंचायत में हनुमत बागों में ६५ परिवार हैं, और ४८ के यहां शौचालय है जिनमें सिर्फ तीन ही उपयोगी हैं। इसी तरह तेजगढ़ गांव को भी ओडीएफ घोषित किया गया है इस गांव में ८२३ परिवार निवास करते हैं और उनमें सिर्फ ८०२ के यहां शौचालय है जिनमें ६५४ ही उपयोगी हैं।

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