आदि गुरू शंकराचार्य का दर्शन सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांधने का दर्शन है

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रायसेन। (हिन्द न्यूज सर्विस)। एकात्म यात्रा के बेगमगंज पहुंचने पर नगरवासियों ने यात्रा का पुष्प वर्षा और ढोल नगाड़ो से भव्य स्वागत किया। यहां पादुका पूजन किया गया तथा यात्रा के साथ चल रहे साधु-संतो का सम्मान किया गया। इस अवसर पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें स्वामी अखिलेश्वरानंद जी, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह तथा एकात्म यात्रा के संयोजक शिव चौबे ने संबोधित किया। यात्रा के आगमन पर स्कूली छात्राओं द्वारा पारम्परिक परिधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

जनसंवाद कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी ने देश की एकता तथा अखण्डता को बनाए रखने के लिए अनेक कार्य किए हैं। सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा निकालकर बड़े पुण्य का काम किया है। इसी तरह सबके कल्याण के लिए काम करने वाले और देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एकता को बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना हेतु एकात्म यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना के लिए हर ग्राम पंचायत से मिट्टी तथा अष्टधातु संग्रहण किया जा रहा है। जब लोग आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा के दर्शन करने जाएंगे तो सब गर्वान्वित होकर कहेंगे कि आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना में हमें भी योगदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

निरजंनी अखाडा के महामण्डलेश्वर एवं गौ संर्वधन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानन्द जी ने कहा कि आशुतोष शिव के रूप में अवतरित आदि शंकराचार्य जी ने भारत वर्ष के चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना कर अध्यात्मिक, सांस्कृतिक सामंजस्य एवं एक्य संस्थापन का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य का दर्शन सम्पूर्ण विश्व को विभिन्न्ताओं से परे एक सूत्र में बांधने का दर्शन है। अदि गुरू के शाशवत दर्शन को जीवन में आत्मसात करने के श्रेष्ट व्यक्ति, समाज, राष्ट्र एवं विश्व का निर्माण होगा।

स्वामी जी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदि गुरू के अद्वैतवाद के दर्शन को जन-जन तक पहुचाने के लिए लोगों में एकता और बन्धुता का भाव पैदा करने के लिए सराहनीय प्रयास किया है। इस यात्रा से बन्धुता, समरसता, एकता का संदेश पूरे विश्व में जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां मध्यप्रदेश भौतिक आधार पर निरंतर विकास कर रहा है वही दूसरी सांस्कृतिक आधार पर भी नए-नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

एकात्म यात्रा के प्रदेश संयोजक शिव चौबे ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक पुनरूत्थान कार्यक्रम में आदि शंकराचार्य जी का पावन स्मरण कर मुख्यमंत्री द्वारा ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की गई थी। एकात्म यात्रा का उद्देश्य आदि शंकराचार्य के जीवन एवं कर्तव्य का पावन स्मरण करना है जिससे श्रेष्ठ व्यक्ति, समाज, राष्ट एवं विश्व का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी निरंतर काम किए जा रहे हैं। नर्मदा सेवा यात्रा के तहत नर्मदा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया और मॉ नर्मदा के दोनों किनारों पर पौधे लगाए गए।

एकात्म यात्रा के स्वागत अभिनंदन हेतु जगह-जगह स्वागत द्वार, रंगोलियां बनाई गई हैं। एकात्म यात्रा के मार्ग में पडऩे वाले गांवों के लोगों द्वारा दोनों ओर खड़े होकर ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जा रहा है। साथ ही मूर्ति स्थापना के लिए एकत्रित की गई अष्ट धातु तथा मिट्टी भी भेंट की जा रही है।

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