अमेरिका से तुलना करने वाले शिवराज ग्रामीण सड़को की हालत भूल जाते है -अग्रवाल

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नीमच। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भारत में जनसंख्या के मान से 70 प्रतिशत जनता ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत है,लेकिन उन्हें आजादी के 70 सालो बाद भी मुलभुत जरूरतों के लिये संगर्ष करना पड़ रहा है। एक और माननीय शिवराज जी मध्यप्रदेश की सड़को की तुलना अमेरिका से करते है दूसरी और वो यह भूल जाते है की आज भी ग्रामीण सड़को की हालत यह है की ग्रामीणजन पगडण्डी नुमा रास्तो से शहरो की और आने को विवश है,उक्त जानकारी देते हुए आप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं लोकसभा प्रभारी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा की आज हम संकल्प यात्रा के दौरान दलावदा ,काल्याखेड़ी,लांछ,भीमाखेड़ी,पिपलिया गुर्जर,लखमी ग्रामो का दौरा किया तो शिवराज जी की हकीकत स्वत: सामने आ गयी की किस प्रकार जनता को गुमराह करने के लिए शिवराज सरकार मध्यप्रदेश की सड़को की तुलना अमेरिका से करती है।

दलावदा ग्राम से लांछ लखमी 3 किलोमीटर;लांछ से भीमाखेड़ी पिपलिया गुर्जर होते हुए पावटी 6 किलोमीटर ,दलावदा से काल्याखेड़ी 1 किलोमीटर,भीमाखेड़ी से बमोरा 4 किलोमीटर दुरी है लेकिन आज दिनक ता कगरामिन जान की न सुनते हुए सड़क का निर्माण नहीं कराय गया है,जिसके कारन ग्रामीणजनों को जीरन मुख्यालय एवं अन्यत्र जाने के लिए दूरस्थ रास्ते से सफर करना पड़ता है।

यह सर्वविदित है की आम आदमी पार्टी द्वारा 30 दिनों तक कलेक्टर कार्यालय में धरना देने के बाद फसल बीमे की राशि देने का आदेश दिया गया था। लेकिन उस आदेश में फसल बीमे की 5 साल की अनावरी के कारन दलावदा क्षेत्र के निवासी फसल बीमे की राशि से अपात्र हो गए थे,यह कहना है ग्राम दलावदा के ईस्वर योगी एवं अन्य ग्रामीण जनो का। उन्होंने बताया की फसल बीमे के भुगतान के लिए हमने सभी प्रयास कर लिए लेकिन दो साल से हमें योजना का लाभ नहीं मिला जबकि हमरी फसल बीमे की कि़स्त काटी जा रही है यह कैसा शिवराज सरकार का न्याय है। ग्राम दलावदा में ही, न पिने के पानी की व्यवस्था है न सिंचाई की व्यवस्था है। एकमात्र स्टॉप डैम है जिसे गहरीकरण करने की महती आवश्य्कता है ,जिससे ग्रामीण जन को लाभ मिल सके। स्कूल में बाउंड्रीवाल है ही नहीं साथ ही सफाई की व्यवस्था भी नहीं है।

संकल्प यात्रा के लांछ पहुँचने पर शिवराज सरकार की शिक्षा निति का सजीव मूल्यांकन सामने आया की प्रदेश में शिक्षा की हालत क्या है, प्राथमिक स्कूल का हाल देखकर बड़ा विचित्र लगा की यहाँ प्राथमिक शाला में मात्र 3 बच्चे एवं मिडिल स्कूल में मात्र 1 छात्र अध्यनरत है। एक और दिल्ली सरकार निरंतर शिक्षा पर कार्य कर रही है जिसके परिणाम स्वरुप दिल्ली में छात्र अशासकीय विद्यालय छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे है दूसरी और मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूल दिन प्रतिदिन बंद हो रहे है जिसकी परिणीति भीमाखेड़ी में देखने को मिली की यंहा प्राथमिक स्कूल विध्यमान है लेकिन उसे 2 साल पूर्व बंद कर दिया गया।

जनता के खून पसीने से कमाये धन का कैसे दुरुपयोग होता है यह देखना हो तो भीमाखेड़ी के साथ ही अन्य ग्रामो में चले जाओ जंहा विध्यमान पानी की टंकिया देखकर लग सकता है की किस प्रकार से सरकार,सरकारी योजना में करोडो रुपये विभिन ग्रामो में खर्च कर देती है। अन्य ग्रामो की तर्ज पर ही ग्राम भीमाखेड़ी में पानी की टंकी बनाई गयी है लेकिन बनने से आज दिनक तक उसमे पानी की एक बून्द भी नहीं भरी गयी है क्योंकि जब वहा निवासरत लोगो को ही पानी दूर दूर से लाना पड़ता है तो नल जल योजना के अभाव में पानी कैसे टंकी में भरा जावे और यही स्थिति प्रत्येक गांव की है।

ग्राम पिपलिया गुर्जर पंचायत क्षेत्र बमोरा के अंतर्गत आता है जंहा स्वछता मिशन की खुले आम धज्जिया उड़ाई जा रही है जंहा शहरो में नित प्रतिदिन जनप्रतिनिधि स्वछता मिशन की तारीफ करना नहीं भूलते उन्हें शायद ग्रामीण हालत नजर नहीं आती या यह प्रमाणित होता है की वो किसी मृगमिरिचका में जी रहे है जिन्हे सिर्फ शहर दिखाई देते है और ग्रामीण सफाई सिर्फ वातानुकूलित कक्षों में बैठकर देख लेते है। ग्रामीणजनो का कहना है की जनप्रतिनिधि चुनाव जितने के बाद आते है नहीं है और अब चुनाव नजदीक आते ही बरसाती मेंढक की तरह दिखाई देने लगेंगे। यहाँ नायको के मोहल्ले में अत्यंत कीचड़ व्याप्त है जिसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

सांयकाल के समय संकल्प यात्रा के ग्राम लखमी पहुँचने पर ज्ञात हुआ की यहाँ स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके कारन मध्यप्रदेश में जरुरत से 8000 मेगावाट बिजली की उपलब्धता अधिक होने पर भी अँधेरा व्याप्त है। ग्राम में पंचायत है लेकिन यंहा सामुदायिक भवन का निर्माण न होने से ग्रामवासियो को मांगलिक कार्य होने पर एक दूसरे का ही आसरा लेना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग पर आज तक मांगलिक भवन नहीं बनाया गया है क्योँकि यंहा का मुख्य चुनावी वादा पावटी तक सड़क निर्माण एवं सामुदायिक भवन ही रहा है लेकिन वादा अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण न होने से ग्रामीण जनो को वर्षा काल में जीरन जो की 10 किलोमीटर पड़ता है उसके लिए 23 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। सबसे मत्वपूर्ण पानी की टंकी की मांग आज तक पूर्ण नहीं हुई है।

आप के जिला सह संयोजक अशोक सागर, रामपाल नायक ,राजेन्द्रसिंह चंद्रावत ,लविश कनोजिया,इस्वर सिंह राठोड पत्रकार ,ईस्वर योगी ,नारायण सिंह शक्तावत ,गणपत सिंह,बलवंत नायक,ईश्वरसिंघ राठोड, धीरज माली, कारूलाल ने कहा की उक्त समस्याओ के सम्बन्ध में हम सम्बंधित विभागों को पत्र प्रेषित कर रहे है साथ ही अगर उक्त समस्याओ का निरकारन नहीं हुआ तो संकल्प यात्रा के पश्च्यात जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जावेंगा।

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