बड़वानी और धार के भाजपा नेता दिग्विजय सिंह की यात्रा से परेशान

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जब अपनी आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा करने का निर्णय लिया था उनके इस निर्णय के बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया भाजपा और विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने व्यक्त की थी उसमें कहीं दिग्विजय सिंह को इस यात्रा के माध्यम से सन्यास लेने जैसी बात दोहराई थी लेकिन यह तय माना जा रहा था कि दिग्विजय सिंह की यह गैर राजनैतिक आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा मध्यप्रदेश की राजनीति में जरूर हलचल पैदा करेगी और इस यात्रा की हलचल से इन दिनों बड़वानी और धार के भाजपा नेता काफी परेशान हैं और इनहीं दिनों इन दोनों जिलों में नगरीय निकाय चुनाव भी होने हैं लेकिन भाजपा नेताओं की परेशानी इस बात को लेकर बड़ी है कि होने वाले नगरीय निकाय चुनावों में दिग्विजय सिंह की यात्रा का असर दिखाई पड़ रहा है जिसके चलते इन दोनों जिलों के नगरीय निकाय चुनाव प्रभावित हो सकते हैं और भाजपा को यहां हार का सामना करना पड़ सकता है, ऐसी चिंता इन दोनों जिलों के भाजपा नेताओं की पेशानी पर साफ दिखाई दे रही है। तो वहीं कांग्रेस की आपसी गुटबाजी के चलते इन दोनों जिलों में टिकट वितरण में परेशानी हो रही है, क्योंकि हर कांगे्रसी भाजपा की तुलना में अति उत्साहित है तो वहीं भाजपा को इन दोनों जिलों में अपने उम्मीदवार के खिलाफ बगावत की भी चिंता सताए हुए है। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा का असर हालांकि मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में प्रवेश होने के साथ ही दिखाई देने लगा है इसी दौरान अलीराजपुर के भाजपा वर्तमान विधायक ने बंद कमरे में दिग्विजय ङ्क्षसह से हुई चर्चा को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं तो वहीं सूत्र तो यह भी दावा करते नजर आ रहे हैं कि दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा का असर मध्यप्रदेश की राजनीति पर दिखाई देने लगा है इस नर्मदा परिक्रमा के दौरान दिग्विजय सिंह से कई भाजपा नेताओं की बंद कमरे में भेंट भी चर्चा का विषय बनी हुई है तो इस माहौल को देखकर राजनीति से जुड़े हर व्यक्ति की जुबान पर यह बात है कि अभी तो नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा बड़वानी और धार में दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के असर को लेकर परेशान है तो विधानसभा चुनाव में क्या स्थिति बनेगी इसकी तो कल्पना ही की जा सकती है हालांकि राजनीति के जानकारों का यह दावा है कि गुजरात चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंकने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वार की गई तमाम रैलियों व रोड शो करने के बाद वहां भाजपा अपनी लाज बचा सकी और इसका असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है अभी तो भाजपा के नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर परेशान हैं जब चुनाव के समय दिग्विजय सिंह भी प्रदेश की राजनीति में सक्रिय दिखाई देंगे तो क्या स्थिति बनेगी इन सब स्थितियों को समझते हुए भाजपा के नेता अपने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के द्वारा दिये गये लक्ष्य अबकी बार दो सौ के पार… के साथ-साथ कांग्रेस को हल्का नहीं मान रही है, कांग्रेस के नेताओं की बढ़ती सक्रियता से प्रदेश भाजपा के नेताओं में चिंता व्याप्त है।

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