प्रधानमंत्री पर टिप्पणी अत्यंत शर्मनाक, निकृष्ट और असहनीय-चौहान

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर की प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को अत्यंत शर्मनाक और निकृष्ट मानसिकता का परिचायक बताया है। ऐसे लोगों को भारतीय समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है जो प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद पर घटिया टिप्पणी करते है।

चौहान ने कहा कि मणिशंकर अय्यर ने समय-समय पर अपनी हरकतों से यह जाहिर कर चुके है कि उनकी रगो में न तो देशभक्ति का खून है, न सामाजिक आदर उनके संस्कारों में है और न ही इस राष्ट्र के प्रतिमानों से उनका कोई सरोकार है। यही कारण है कि जब वे मंत्री थे तब उन्होंने 2004 में वीर सावरकर का अपमान करते हुए सेल्युलर जेल पर लगी पट्टिका को तुड़वा दिया था। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के विरूद्ध शत्रु राष्ट्र पाकिस्तान से मदद मांगी और आज तो निकृष्टता की सारी सीमाएं पार करते हुए भारत के उस प्रधानमंत्री के लिए घटिया शब्दों का उपयोग किया जिसका सम्मान सारे विश्व में सिर चढ़कर बोल रहा है।

चौहान ने कहा कि मणिशंकर अय्यर घुटने टेक कर प्रधानमंत्री से माफी मांगे अन्यथा उनकी इस टिप्पणी का समुचित जवाब दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि नीच कोई व्यक्ति नहीं होता, कोई समाज नहीं होता, कोई सम्प्रदाय नहीं होता। नीच तो एक सोच होती है जो नीच कर्म करने के लिए प्रेरित करती है और मुझे लगता है कि यह सारे अवगुण मणिशंकर अय्यर के भीतर विद्यमान है। आज प्रधानमंत्री के अपमान को लेकर देश के सभी राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों को व्यापक विरोध करना चाहिए। क्योंकि यह ऊंच नीच का भाव भारत का संस्कार नहीं है। आज कांग्रेस नेता को जब गुजरात में हार सामने दिखाई दे रही है तब वे इस प्रकार का संतुलन खो रहे हैं, लेकिन जनता अय्यर की इस घटिया हरकत का जवाब देगी क्योंकि यह बयान मणिशंकर अय्यर की उस संस्कृति का प्रतीक है जो दरबारी संस्कृति कहलाती है। इस संस्कृति में दरबार जो चाहता है, दरबारी वैसा ही बोलते हैं। यह वही अय्यर है जिसने मोदीजी को चाय वाला कहकर उलाहना दिया था, लेकिन देश की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाकर करारा जवाब दिया था।

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