देश-विदेश में उदाहरण बनता मध्यप्रदेश

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०-डॉ. नरोत्तम मिश्र


मध्यप्रदेश आज देश का हृदय प्रदेश होने के साथ ही विकास के लिए पहचान बनाने वाले प्रदेशों में शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, उद्योग, बिजली, पर्यटन, रोजगार के क्षेत्रों के साथ ही अच्छी सड़कों के? निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतरीन कार्य हुआ है। प्रदेश की जनता प्रगति के प्रयासों में सहभागी हुई है। किसान, विद्यार्थी, महिलाएं, बच्चे, नौकरी पेशा लोग, मजदूर और अन्य सभी वर्ग प्रसन्न हैं। सभी जानते हैं कि मध्यप्रदेश में सरकार ने अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी है। मध्यप्रदेश में विकास के हर क्षेत्र में अनूठा कार्य हुआ है। मध्यप्रदेश की कई योजनाओं को अन्य प्रदेश लागू कर चुके हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश देश-विदेश में एक उदाहरण बन रहा है।

ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें प्रगति के नए आयामों ने आकार न लिया हो। उदाहरण के लिए मध्यप्रदेश में आज से 14 वर्ष पहले सिंचाई का प्रतिशत सिर्फ साढ़े सात लाख हेक्टेयर था। आज जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के प्रयासों से लगभग 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। जल संसाधन विभाग ने 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य वर्ष 2022 तक प्राप्त करने का रखा है। आज मध्यप्रदेश में अच्छी सिंचाई व्यवस्था का ही यह परिणाम है, कि बीच-बीच में अपना म.प्र. सूखे की स्थिति का सामना करने के बावजूद निरंतर कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त कर रहा है। यह बात कोई एक व्यक्ति नहीं कह रहा। आप मंडी की आवक के आंकड़े देख लीजिए। मंडी टैक्स का रिकार्ड  भी देखा जा सकता है। कृषि क्षेत्र में डबल डिजिट में ग्रोथ है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें प्रगति के नए आयामों ने आकार न लिया हो। उदाहरण के लिए मध्यप्रदेश में आज से 14 वर्ष पहले सिंचाई का प्रतिशत सिर्फ साढ़े सात लाख हेक्टेयर था। आज जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के प्रयासों से लगभग 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। जल संसाधन विभाग ने 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य वर्ष 2022 तक प्राप्त करने का रखा है। आज मध्यप्रदेश में अच्छी सिंचाई व्यवस्था का ही यह परिणाम है, कि बीच-बीच में अपना म.प्र. सूखे की स्थिति का सामना करने के बावजूद निरंतर कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त कर रहा है। यह बात कोई एक व्यक्ति नहीं कह रहा। आप मंडी की आवक के आंकड़े देख लीजिए। मंडी टैक्स का रिकार्ड  भी देखा जा सकता है। कृषि क्षेत्र में डबल डिजिट में ग्रोथ है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व की ही यह उपलब्धि है कि आज एक बीमारू कहे जाने वाले राज्य को विकासशील बनाकर उसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होने योग्य बनाया जा सका है। शिवराज जी का यह भी स्वप्न है कि डिजीटल इंडिया के निर्माण में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका हो। जहाँ मंत्रालय स्तर पर समाधान ऑन लाइन और वीडियो कान्फ्रेंसिंग जैसी अनेक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, वहीं राज्य में कार्य कर रहे कियोस्क सेंटर जनता को अनेक तरह की सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। विधानसभा के प्रश्नों के उत्तर भी ऑनलाइन दिए जा रहे हैं। आज राज्य का प्रत्येक तबका प्रसन्न है। आप सभी को स्मरण होगा ही कि आज से 14 वर्ष पहले बिजली कभी-कभी आती थी, अब कभी-कभी जाती है। यदि कानून व्यवस्था की बात करें तो यह सभी जानते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती से अब डकैत समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है। दस्यु और गिरोह खत्म हैं। डाकू अब कहानियों और किस्सों में ही बचे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में गत 12 वर्ष प्रदेश की प्रगति के वर्ष रहे हैं। इस अवधि में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं, जिसमें विकास की पहल न हुई हो, आमजन का भी विकास में अच्छा सहयोग मिला है। आज का दिन मुख्यमंत्री जी, जन प्रतिनिधियों और आमजन को हार्दिक बधाई देने का दिन है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए मध्यप्रदेश के जन-जन को मिलकर प्रयास बढ़ाने हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर ह्रदय से बधाई।
०- लेखक जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री तथा प्रदेश सरकार के प्रवक्ता हैं।
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