रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी नहीं रहे

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मुंबई। (हिन्द न्यूज सर्विस)। बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी का निधन हो गया। रविवार सुबह 4 बजे उन्होंने अस्पताल में आखिरी सांस ली। विले पार्ले में राम मुखर्जी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया जा रहा है राम मुखर्जी लंबे समय से बीमार थे और हॉस्पिटल में भर्ती थे। आज सुबह 4 उन्होंने उस दुनिया को अलविदा कह दिया। राम मुखर्जी हिंदी और बंगाली सिनेमा के जाने-माने डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर्स में से एक थे। वे मुंबई स्थित हिमालया स्टूडियो के फाउंडर भी थे।

सुबह 10.30 बजे उनके मृत शरीर को उनके घर जानकी कुटीर ले जाया गया। विले पार्ले स्थित शवदाह गृह पवन हंस में अंतिम संस्कार 2 बजे किया जा रहा है।

बताते चलें कि राम अपने दौर के जाने-माने प्रोड्यूसर-डायरेक्टर थे। राम मुखर्जी के पिता अपने दौर के बड़े फिल्मकारों में से थे। राम मुखर्जी पहले अपने भाई के सहायक निर्देशक रहे। स्व. सुनील दत्त के साथ हम हिंदुस्तानी फिल्म से वे बतौर निर्देशक मैदान में आए। 1964 में उन्होंने दिलीप कुमार और वैजयंती माला बाली की जोड़ी को लेकर फिल्म लीडर का निर्देशन किया। अपने भाई एस मुखर्जी के साथ मिलकर राम मुखर्जी ने मुंबई में फिल्मालय स्टूडियो की स्थापना की, जहां 90 के दशक तक फिल्मों की शूटिंग हुआ करती थी। रानी मुखर्जी और प्रसोनजीत की जोड़ी को लेकर उन्होंने बंगाली फिल्म बीयर फूल का निर्देशन किया था। 1994 में रिलीज हुई बंगाली फिल्म रक्तंदीर धारा उनके निर्देशन में बनी अंतिम फिल्म थी।

बता दें कि 1997 में आई हिंदी फिल्म राजा की आएगी बारात के प्रोड्यूसर भी राम मुखर्जी ही थे। इसके अलारा राम ने कई फिल्मों का डायरेक्शन किया जिनके नाम हैं।
०-हम हिंदुस्तानी (1960)
०- लीडर (1964)
०- एक बार मुस्करा दो (1972)
०- रक्ते लेखा (बंगाली, 1992)
०- तोमार रक्ते अमार सोहाग (बंगाली, 1993)
०- रक्त नदीर धारा (बंगाली, 1994)
०- राम, 1964 में आई दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला स्टारर लीडर के स्क्रीन राइटर भी थे।

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