गुजरात राज्य सभा चुनाव की लड़ाई दिल्ली पहुंची

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नई दिल्ली। (हिन्द न्यूज सर्विस)। गुजरात राज्य सभा चुनाव की लड़ाई अब दिल्ली पहुंच चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि दो विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने वोट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए। इसलिए ये वोट खारिज किए जाए। भाजपा का इस पर जवाब है कि चुनाव के बाद इस तरह की शिकायत करना गलत है।

कांग्रेस का दावा है कि दोनों विधायकों ने अमित शाह को बैलेट पेपर दिखाकर वोटिंग की। कांग्रेस ने इस आधार पर चुनाव आयोग से दोनों विधायकों के वोट खारिज करने की मांग की।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग से अपनी शिकायत में कहा, हमारे दो विधायकों ने भाजपा को वोट दिया और इसके बाद उन्होंने अमित शाह को विजयी संकेत दिखाया। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के दोनों विधायक भोलाभाई और राघवजी पटेल ने पोलिंग एजेंट को अपने वोट नहीं दिखाए।

कांग्रेस की इस मांग का असर वोटों की गिनती पर भी पड़ता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि जब तक ये पूरा मामला वीडियो देखकर सुलझा नहीं लिया जाता, तब तक वोटों की गिनती शुरू नहीं हो पाएगी।

आनंद शर्मा ने कहा कि ईसी को वही करना चाहिए जो नियम है। कानून के दायरे से बाहर कोई बात नही हो सकती है। राज्यसभा चुनाव का नियम स्पष्ट है, विधायक दूसरे दल को वोट दिखाता है तो वो इनवेलिड माना जाता है। हरियाणा में गलती से वोट दिखाने पर वोट रद्द कर दिया गया था।

भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस वोटिंग के दौरान चुप क्यों रही। पार्टी के सांसद भूपेंद्र यादव ने पत्रकारों से कहा, आप छह घंटे बैठे क्यों रहे? 6 घंटे चुनाव कराते रहे? अब आपको याद आ रहा है?

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस सुबह से चुनाव करा रही है और हार देखकर वो विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि वो हार रही है, इसीलिए वो बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर बक्से मे ंबंद होने के बाद किसी जांच का कोई मतलब नहीं रह सकता। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वो विवाद खड़ा करने के लिए कांग्रेस को मौका न दे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लडऩा ही है, तो वो कोर्ट जाएं। इस दौरान भाजपा नेता पीयूष गोयल ने कहा कि वॉर्निंग देने के बाद रिटर्निंग अधिकारी वोट कैंसिल करके साइड रख देता है। पर कांग्रेस ने उस समय कोई शिकायत नहीं की। बाद में कांग्रेस विवाद खड़ा करने के इरादे से वोट खारिज करने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2002 से राज्यसभा चुनाव के लिए नियम बदले गए, जिसमें रिटर्निंग अधिकारी और इलेक्शन एजेंट को बताया जाता है कि वो किसे वोट कर रहा है। सुबह से कांग्रेस 45-46 वोटों से जीतते खुद को दिखा रही थी, पर 3 बजे के बाद कांग्रेस ने ऑबजेक्शन उठाना शुरू कर दिया। जो उसकी बौखलाहट को दिखाता है। वो आर्टिकल 324 का दुरुपयोग करना चाहती है। अब इलेक्शन पिटिशन के अलावा कांग्रेस के पास कोई रास्ता नहीं है।

कांग्रेस ने अपना पक्ष रखने के लिए राज्य सभा सांसद आनंद शर्मा,पी चिदम्बरम और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला को चुनाव आयोग भेजा। भाजपा ने इसके जवाब में अपने दिग्गज नेताओं की पूरी फौज उतार दी। उसकी ओर से केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, पीयूष गोयल, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमण चुनाव आयोग में गए।

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