दार्जिलिंग बंद-पर्यटक फंसे,सेना का फ्लैग मार्च

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दार्जीलिंग।(हिन्द न्यूज सर्विस)। हिंसा प्रभावित दार्जीलिंग शहर में हालात में आज सुधार दिखाई दिया और सेना ने इस शहर के साथ ही कुरसेआंग और कलिमपांग में फ्लैग मार्च निकाला। गुरुवार को गोरखा मुक्ति मोर्चा के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस पर पथराव किया और कई गाडिय़ों को आग लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। हालात इतने बिगड़ गए कि ममता बनर्जी ने सेना बुला ली। गोरखा मुक्ति मोर्चा का विरोध ममता बनर्जी के उस ऐलान की वजह से है जिसमें उन्होंने 10वीं तक सरकारी स्कूलों में बंगाली भाषा की पढ़ाई अनिवार्य कर दी है।

गौरतलब है कि हिंसा गुरुवार अपराह्न उस वक्त भड़की, जब बिमल गुरंग के नेतृत्व वाली पार्टी ने राजभवन तक विरोध मार्च का आह्वान किया। राजभवन में उस वक्त कैबिनेट की बैठक चल रही थी। जीजेएम समर्थकों ने पुलिस द्वारा खड़े किए गए बैरीकेड तोडऩे की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्होंने पुलिस की कई गाडिय़ों को नुकसान पहुंचाया और कुछ वाहनों में आग भी लगा दी। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हो गए। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, प्रदेश सरकार से अनुरोध मिला है। दार्जीलिंग में स्थित सेना की दो टुकडिय़ों (प्रत्येक में 80 जवान) को भेजा गया है।

जीजेएम के इस बंद के दौरान ज्यादातर दुकान, भोजनालय और बाजार बंद रहे। वहीं बंद की वजह से वाहन भी सड़कों पर दिखाई नहीं दिया। हालांकि प्रशासन ने अनावश्यक घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में पुलिस और सेना की तैनाती की है। दार्जिलिंग में फंसे एक पर्यटक ने बताया, हमने कभी भी इस तरह की स्थिति की उम्मीद नहीं की थी। हमें यहां से निकलने के लिए कोई भी वाहन नहीं मिल रहा, जिससे हम काफी परेशान हैं।

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