केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का निधन,पीएम मोदी ने जताया शोक

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नई दिल्ली। (हिन्द न्यूज सर्विस)। पर्यावरण मंत्री अनिल दवे का गुरुवार को नई दिल्ली निधन हो गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 60 वर्षीय दवे ने गुरुवार सुबह अपने घर पर बेचैनी की शिकायत की और तब उन्हें एम्स ले जाया गया। वहां उनका निधन हो गया। दवे वर्ष 2009 से राज्यसभा के सदस्य थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट में कहा, ”अपने मित्र एवं सम्मानित सहकर्मी पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे जी के आकस्मिक निधन से सदमे में हूं। मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में जन्में दवे 61 वर्ष के थे। वह एक कमर्शियल पायलट भी थे। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन पर मध्य प्रदेश में दो दिन का शोक घोषित किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में भी निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

दवे का जन्म 6 जुलाई 1956 को उज्जैन के भदनगर में हुआ था। दवे शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे और नर्मदा नदी बचाओ अभियान में काम कर रहे थे। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने कई किताबें भी लिखीं। पर्यावरण मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। वह 2009 में राज्यसभा सांसद चुने गए थे। उस समय उन्हें जल संरक्षण समिति का मेंबर बनाया गया था। 2010 में मार्च से जून माह तक दवे ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज के संसदीय मंच के सदस्य भी थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, मेरे दोस्त और एक बहुत ही सम्मानित सहयोगी के अचानक निधन से हैरान हूं। पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे जी को मेरी संवेदना। अनिल माधव दवे जी को जन सेवक के रूप में याद किया जाएगा। वह पर्यावरण के संरक्षण के प्रति बहुत ही जागरुक थे। मैं अनिल माधव डेव जी के साथ कल शाम देर तक प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर चर्चा कर रहा था। यह मौत व्यक्तिगत नुकसान है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, आदरणीय श्री अनिल दवे के रूप में देश ने एक सच्चा देशभक्त और माँ नर्मदा का सपूत खो दिया है। इस क्षति की भरपाई कभी न हो सकेगी।



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