समाजवादी पार्टी खुद अपनी गलती से हारी है-मुलायम सिंह

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मैनपुरी। (हिन्द न्यूज सर्विस)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की बुरी तरह से हुई हार के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुये सपा सरंक्षक मुलायम सिंह यादव ने रविवार को कहा कि उनके मना करने के बावजूद अखिलेश यादव ने कांग्रेस से गठबंधन किया और इस वजह से पार्टी को चुनाव में हार मिली। उन्होंने कहा, हमारी जिंदगी बर्बाद करने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस ने उन पर कई मामले दर्ज कराए और अखिलेश ने उसी कांग्रेस से गठबंधन किया। एसपी खुद अपनी गलती से हारी है।

मुलायम ने कांग्रेस और सपा के गठबंधन का फिर विरोध किया और कहा कि कांग्रेस ने उनकी जिंदगी खराब कर दी। मुसलमान आज भी कांग्रेस को मस्जिद टूटने का गुनहगार मानता है। मुसलमान कभी भी कांग्रेस को वोट नहीं देंगे। वे सपा के साथ हैं। लेकिन अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन किया तो पूरे प्रदेश ने विरोध कर दिया।

शहीद धर्मेन्द्र यादव की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में करहल के ग्राम जुनेसा आये मुलायम सिंह ने शिवपाल के रामगोपाल को ‘शकुनी बताने वाले बयान को सही बताते हुये कहा कि ‘शिवपाल को हराने में कोई कसर नही छोड़ी गयी, पैसा भी खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि काग्रेस से गठबंधन सपा की बुरी दशा के लिये जिम्मेदार है। उनके मना करने पर भी अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन किया।

मुलायम ने कहा कि कड़ी मेहनत करके सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाया। अगर वे मुख्यमंत्री बन जाते तो आज ये स्थिति नहीं बनती। अखिलेश थाने और तहसील नहीं सुधार पाए। जिससे जनता परेशान होती रही। अखिलेश सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए ये भी कहा कि अखिलेश ने 5 साल अधिकारियों को खुला छोड़ दिया। डीएम, एसपी और एसडीएम भी प्रोटोकॉल भूल गए। विधायकों और नेताओं की बात नहीं सुनी गई। नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ। यही बजह रही कि चुनाव में जनता ने सपा को साफ कर दिया।

मुलायम ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि मोदी ने एक भी वादा पूरा नहीं किया, झूठ बोलकर जनता को ठगा। 15 लाख रुपये हर खाते में डालने का वायदा कर सत्ता मे आये लेकिन 15 हजार भी किसी खाते में आज तक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता आपस में मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम करें।

यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। चुनाव के नतीजे आने पर सपा-कांग्रेस गठबंधन को कुल 54 सीटें मिली थी। गठबंधन पर मुलायम सिंह पहले भी ऐतराज जता चुके थे। बता दें कि सपा में चुनाव से पहले चली आ रही रार के चलते मुलायम सिंह ने पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार से भी दूर बना ली थी। मुलायम ने केवल तीन लोगों के लिए प्रचार किया था। जिसमें भाई शिवपाल सिंह यादव और बहू अर्पणा यादव शामिल थीं। भाजपा लहर में भी शिवपाल चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे, वहीं मुलायम की छोटी बहू को हार का मुंह देखना पड़ा था।

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