सज्जन वर्मा के बंगले पर दलालों का बोलबाला, अनुमोदित सूची दिखाकर वसूल रहे मोटी रकम

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मध्यप्रदेश में भले ही प्रदेश की जनता ने विगत १५ वर्षों और खासकर १३ वर्षों की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया हो लेकिन आज भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता पर काबिज होने के बाद भ्रष्टाचार के नये-नये तरीके अपनाये जा रहे हैं और यह खेल खेल रहे हैं शिवराज के १३ वर्षों के शासनकाल में भाजपा के मंत्रियों के पास रहे वह जिनकी लत आज भी छूटी नहीं है और वह कांग्रेस सरकार के मुखिया कमलनाथ जी के मंत्रिमण्डल के सदस्यों में घुसपैठ कर अपनी पदस्थापना पाकर भ्रष्टाचार के नये-नये तरीके खोजने में लगे हुए हैं। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन वर्मा के यहां इन दिनों जिस प्रकार से उनके बंगले पर तैनात स्टाफ दलाली का खेल खेल रहे हैं वह इन दिनों लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ चर्चाओं में बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि यह दलाल सज्जन वर्मा के बंगले पर तैनात स्टाफ से मिलकर फर्जी और अनुमोदित सूचियां दिखाकर विभाग के अधिकारियों से मोटी रकम का खेल खेल रहे हैं इसके चलते विभाग के अधिकारियों में भय व्याप्त है और हर कोई इन फर्जी अनुमोदित सूची से पीडि़त दिखाई दे रहा है।

पता नहीं इस सबकी जानकारी सज्जन वर्मा को है या नहीं यह वही जानें लेकिन जो खेल उनके बंगले पर उनके निजी स्टाफ और दलालों द्वारा खेला जा रहा है वह चर्चाओं में है, हालांकि यह स्थिति लगभग प्रदेश के सभी मंत्रियों के स्टाफ की बनी हुई है यह स्टाफ अपने दलालों और स्थानान्तरण से जुड़े लोगों से फोन-करके यह सूचना दे रहे हैं कि वह फलां मंत्री के स्टाफ में हैं, यदि कोई काम हो तो बताना, इस तरह का दौर खूब चल रहा है, शायद यही सब देख मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्री के निजी स्टाफ की सूची तलब की थी पता नहीं वह सूची उन तक अभी तक पहुंची या नहीं यह तो वही जानें लेकिन प्रदेश के कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के यहां भाजपा सरकार में १३ वर्षों से मलाई चख रहे निजी स्टाफ ने घुसपैठ कर अपनी पदस्थापना कर ली और वह इस प्रयास में हैं कि पूर्व भाजपा की सरकार की तरह वह दलालों से मिलकर अपनी दुकान कायम रख सकें।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुखिया कमलनाथ के मंत्रीमण्डल के निजी स्टाफ ने नियुक्तियां कराने में सफलता हासिल कर ली जो मलाईदार विभाग के मंत्रियों के विभाग में तैनात थे और कई मंत्रियों के स्टाफ को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर अभी से जारी है, लेकिन लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के बंगले पर तैनात स्टाफ दलालों से मिलकर जो कारनामों को लेकर अंजाम दे रहा है उसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं लोग चटकारे लेकर करते नजर आ रहे हैं पता नहीं यह खेल मंत्री जी के सहमति से खेला जा रहा है या उनका निजी स्टाफ ने नई सरकार में कमाई का नया जरिया खोज लिया है, यह सरकार के लिये जांच का विषय है।

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