वोट डालने में आदिवासी महिलाओं ने तोड़ा पिछले चुनाव का रिकार्ड

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०-राजेश शर्मा
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। इस बार चुनाव में आदिवासी महिलाओं और दलितों का वोट सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। एक तरफ आदिवासी महिलाओं ने वोट डालने के पिछले रिकार्ड को तोड़ा है। आदिवासी बहुत सात जिलों में महिलाओं ने बंपर वोटिंग की है। भाजपा को लगता है कि आदिवासियों के लिए चल रही योजनाओं के चलते महिलाओं ने ज्यादा वोट किया। प्रदेश के सात आदिवासी जिलों में महिलाओं ने इस बार मतदान करने का पिछला रिकार्ड तोड़ा है। इतना ही नहीं, इन जिलों के कुल वोट प्रतिशत से भी अधिक आंकड़ा महिलाओं के वोट का सामने आया है। यहां एक से लेकर सात प्रतिशत से अधिक तक मतदान हुआ है। जबकि इन जिलों में महिलाओं के वोट का प्रतिशत दो से लेकर ७.६४ तक है। इससे साफ है कि आदिवासी महिलाओं के वोट किस पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में गया, यह परिणाम आने पर ही पता चलेगा, लेकिन इसका फायदा या फिर नुकसान भाजपा को अधिक होगा, क्योंकि इन जिलों की १९ में से १३ सीटें भाजपा के पास है, जबकि छ: कांग्रेस के खाते में हैं। आदिवासी जिलों का वोट प्रतिशत देखें तो पिछले चुनाव से तुलना करने पर मतदान का प्रतिशत सबसे अधिक झाबुआ में (७.३५) बढ़ा है। जबकि इससे अधिक महिलाओं का प्रतिशत (७.६४) है। सबसे कम डिंडौरी में (०.९९) वोट प्रतिशत बढ़ा है। इसमें पूरा योगदान महिलाओं का है। यहां महिलाओं का वोट प्रतिशत (२.१४) अधिक है।
०-पीपुल्स समाचार से साभार)
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