वेबसाइट के जरिये नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाला गिरफ्तार

0
112

भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी कम्पनी के जरिए नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक कई बेरोजगारों से करोड़ों रुपए ठग चुके थे।

साइबर क्राइम एआईजी शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, गिरोह के सदस्य शाइन डॉट कॉम कंपनी के जरिए बेरोजगारों से बायोडाटा मंगवाते थे। इसके बाद फर्जी प्लेसमेंट एवं अपाइंटमेंट लेटर लेकर उनके राशि वसूलकर गायब हो जाते थे। साइबर क्राइम पुलिस को कोलार रोड स्थित शालीमार गार्डन में रहने वाले घनश्याम माहेश्वरी पुत्र वीडी माहेश्वरी ने शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि नौकरी दिलाने की ग्यारंटी के नाम पर प्लेसमेंट सर्विस कंपनी शाइन डॉट कॉम के अधिकारियों ने धोखाधड़ी करके उससे करीब 8 लाख रुपए ठगे हैं।

एआईजी शैलेन्द्र चौहान के मुताबिक, मामला दर्ज करने के बाद साइबर पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के चरनी विहार(छपरौला गांव) के रहने वाले विनय सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र विजय को हिरासत में लिया।

एआईजी चौहान का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक प्लेसमेंट कंपनी में अविनाश कुमार सिंह निवासी झारखंड एवं अंकित सोनेवाल निवासी उत्तराखंड के लिए काम करता है तथा नौकरी दिलाने के लिए शाइन डॉट कॉम के नाम पर लोगों को फोन कर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर विभिन्न खातों में पैसे जमा कराता था। कम्पनी के लिए फर्जी खातों की व्यवस्था अपने सहयोग किशनपाल उर्फ फौजी उर्फ प्रशांत गुप्ता के माध्यम से कराता था।

एआईजी चौहान का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपियों द्वारा दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के बैंक अकाउंटों के खातों में पैसा ट्रांसफर कराया गया था। इस मामले के सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। आरोपीगण शाइन डॉट कॉम के माध्यम से आवेदकों का डाटाबेस खरीदते थे, फिर उस डाटाबेस में से नाम चिन्हित कर अलग—अलग नामों से बेरोजगारों को अच्छी कंपनियों में बड़े पद पर नौकरी दिलाने का प्रलोभन देते थे।

एआईजी चौहान का कहना है कि गिरोह के मुख्य सरगना अविनाश कुमार सिंहए वं अंकित सोनेवाल, झांसे में लोगों को और अधिक विश्वास दिलाने के लिए उनका ऑनलाइन इंटरव्यू लिया करते थे। पंजीयन एवं नौकरी के पूर्व प्रशिक्षण के लिए बड़ी रकम विभिन्न बैंक खातों में आरोपियों द्वारा जमा करवाया जाता था। गिरोह द्वारा फर्जी अपोइंटमेंट लेटर भी झांसे में आए लोगों को ई—मेल के माध्यम से भेजा जाता था।

एआईजी चौहान का कहना है कि उक्त प्रकरण में आरोपी अविनाश कुमार सिंह, अंकित सोनेवाल और किशन पाल उर्फ प्रशांत गुप्ता की तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों के बैंक अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है।

०००००००००००

LEAVE A REPLY