लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी बोले- हम समस्याओं न टालते हैं, न ही पालते हैं

0
39

नई दिल्ली। (हिन्द न्यूज सर्विस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा, ”हम समस्याओं को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं हैं। अब न टालने का समय है और न ही पालने का समय है। सरकार बनने के 70 दिनों भीतर संसद के दोनों सदनों ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने का निर्णय का अनुमोदन किया।”

92 मिनट के संबोधन में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देते अनुच्छेद 370 और राज्य के लोगों को विशेषाधिकार देते अनुच्छेद 35-ए को हटाने का प्रमुखता से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले का विरोध करने वाले से पूछना चाहता हूं कि अगर यह अनुच्छेद इतना जरूरी था, इसी से भाग्य बदलने वाला था तो 70 सालों में (विपक्षी दलों का) बहुमत होने के बावजूद इसे अस्थायी क्यों रखा गया, इसे स्थायी क्यों नहीं किया गया? हम न समस्याओं को टालते हैं, न समस्याओं को पालते हैं। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह नई सरकार बनने के 70 दिन के भीतर किया गया। संसद के दोनों सदनों ने दो तिहाई बहुमत से इसे पारित कर दिया। राष्ट्र को दिए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जनसंख्या विस्फोट रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”हम पूरे समर्पण के साथ आपकी सेवा में समर्पित हैं। अनुच्छेद 370 का हटना, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने जैसे कदम उठाए और किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। देश में जल संरक्षण की जरूरत है। इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। बच्चों के साथ अपराध को सहन नहीं किया जा सकता है। इसे रोकने लिए कानून कड़ा किया।”

मोदी ने कहा, ”देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन को लेकर हर सरकार ने कुछ न कुछ प्रयास किया, लेकिन इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं। मोदी ने कहा, ” जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सपनों को पंख लगें, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा ?” उन्होंने कहा, ”नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।’

मोदी ने कहा कि ‘हम सबका साथ, सबका विकास का मंत्र लेकर चले’। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहनों के सिर पर तीन तलाक की तलावर लटकती थी, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक का डर जीने नहीं देता था, लेकिन हमने तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाई। वहीं इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘ हमने आतंक से जुड़े कानूनों में बदलाव किए’इसे साथ ही उन्होंने कहा, ‘नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं.’ पीएम मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लडऩे के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन किया गया.

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आबादी नियंत्रण के लिये छोटे परिवार पर जोर दिया और कहा कि आबादी समृद्ध हो, शिक्षित हो तो देश को आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि जीएसटी ने ‘एक देश, एक कर’ के सपने को सच किया, भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश, एक ग्रिड की उपलब्धि भी हासिल की है। मोदी ने कहा कि अब चर्चा एक देश एक चुनाव को लेकर है, यह देश को महान बनाने के लिए अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने के लिये उठाये गये हर कदम स्वागत योग्य हैं, इन समस्याओं के कारण देश को पिछले 70 साल में काफी नुकसान हुआ, हम हमेशा ईमानदारी को पुरस्कृत करेंगे। मोदी ने कहा, ‘आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है। देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- हम आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे। जिन घरों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है, उन्हें इसके लिए मशक्कत करनी पड़ती है। हर घर में जल कैसे पहुंचे, पीने का शुद्ध पानी कैसे मिले, इसके लिए आज मैं लाल किले से घोषणा करता हूं कि हम आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम करेंगे।

आने वाले वर्षों में 3.5 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा रकम इस पर खर्च होगी। जल संचय, जल सिंचन हो वर्षा के बूंद-बूंद पानी को रोकने का काम हो, समुद्री पानी या वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट करना हो, पानी बचाने का अभियान हो, नागरिक इसके लिए संवेदनशील बनें, इसके लिए हम लगातार प्रयास करेंगे। इस विश्वास के साथ बढ़ें कि पानी के क्षेत्र में जितना काम हुआ है, अगले 5 साल में चार गुना से भी ज्यादा काम करना होगा। हम ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते। संत तिरुवल्लुवर ने कहा था- जब पानी समाप्त हो जाता है तो प्रकृति का कार्य थम जाता है और विनाश हो जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”मेक इन इंडिया का जो मिशन जो हमने लिया है, उसे पूरा करना चाहिए। हमें प्रेरणा लेनी चाहिए कि मेरे देश में जो बनता है, वह मेरी प्राथमिकता होगी। हमें सुनहरे कल के लिए स्थानीय उत्पाद पर बल देना होगा। जो गांव में बनता है वो पहले। वहां से बाहर जाना पड़े तो तहसील में, नहीं तो जिले में। इससे हमारे लघु उद्योगों को कितना बल मिलेगा। इसके कारण देश की इकोनॉमी में मदद कर सकते हैं।” ”हमारा रूपे कार्ड आने वाले समय में अन्य देशों में भी दिखने वाला है। हमारे देश के छोटे-छोटे व्यापारों में भी हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना चाहिए। हमारे दुकानदार बोर्ड लगाते हैं आज नकद कल उधार। अब हमें बोर्ड लगाना चाहिए- डिजिटल पेमेंट को हां, नकद को न।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं किसान भाइयों से भी कुछ मांगना चाहता हूं। यह धरती हमारी मां है। क्या कभी हमने इस धरती मां के स्वस्थ्य की चिंता की है। हम जिस तरह केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, हम अपनी धरती मां को तबाह कर रहे हैं। मुझे इस धरती मां को तबाह करने का कोई हक नहीं है। आजादी के 75 साल होने वाले हैं। क्या हम 10%, 20%, 25% केमिकल फर्टिलाइजर का प्रयोग कम करेंगे। वंदे मातरम कहकर जो फांसी के तख्त पर चढ़ गया था, उसका काम पूरा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मेरे किसान मेरी इस मांग को पूरा करेंगे, यह मेरा विश्वास है।”

”दुनिया देश के प्रोफेशनल्स का लोहा मानती है। हमारा चंद्रयान तेजी से चांद के उस छोर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां कोई नहीं गया। उसी तरह खेल के मैदानों में हम काफी कम नजर आते थे। आज 18 से 22 साल के हमारे बेटे बेटियां हर छोर पर नजर आते हैं। हमें देश में बदलाव लाना है। देश का प्रधानमंत्री आपकी तरह ही देश का नागरिक है। आने वाले समय में गांवों में 1.5 लाख वेलनेस सेंटर बनाने होंगे।”

०००००००००

LEAVE A REPLY