रोजगार के नाम पर धोखा, कागजों में दे दी ८०० युवाओं को नौकरी

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भिण्ड। (हिन्द न्यूज सर्विस)। सरकार युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर छलावा कर रही है। युवाओं को नौकरी देने का दावा करती है, लेकिन हकीकत इससे काफी परे है। सरकारी कागजों में जिन युवाओं को रोजगार मिल चुका है, असल में वेयुवा आज भी एक अदद नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। दरअसल, मामला मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले का है। जहां जिले के रोजगार कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार पिछले छ: महीने में ७९३ लोगों को नौकरी मिल चुकी है, लेकिन जिन युवाओं के नाम नौकरी मिलने वाली लिस्ट में जोड़कर ये सरकारी आंकड़े तैयार किए गए हैं, वे युवा आज भी बेरोजगार घूम रहे हैं। बता दें, जिला प्रशासन द्वारा इस जनवरी और जून के महीने में रोजगार मेला आयोजित किया गया था। इस मेले में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवकों ने नौकरी के लिए आवेदन िकए थे। जनवरी महीने के रोजगार मेले में ६७ लोगों को रोजगार मिलने का दावा रोजगार मेले में ७०० से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने के आंकड़े जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। एक महीने से ज्यादा का समय बीत गया, लेकिन किसी भी कंपनी ने चयनित युवाओं से कोई सम्पर्क नहीं किया। परेशान युवा रोजगार के नाम पर खुद को ठगा महसूस कर रहे हेँ। युवाओं का आरोप है कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के लिए फर्जी आंकड़े तैयार कर रही है, जबकि युवा अभी भी बेरोजगार बैठे हैं। रोजगार कार्यालय के कर्मचारी भी ७९३ का आंकड़ा तैयार करके बैठे हैं, लेकिन हकीकत से वे खुद को अंजान बता रहे हैं। सरकार की युवाओं के लिए रोजगार देने की ये कैसी नीति है जिसमें युवा चयनित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रशासन ने रोजगार मेले की सफलता को लेकर अपनी पीठ भी थपथपाई थी और जमकर वाहवाही भी लूटी थी। रोजगार कार्यालय के रिकार्ड में तरकीबन ८०० युवाओं को रोजगार मिलने का रिकार्ड भी तैयार कर लिया गया, लेकिन जब हमारी टीम ने हकीकत की पड़ताल की तो सारे आंकड़े धरे के धरे रह गए। रोजगार मेले में जिन युवाओं का चयन किया गया, उन्हें कंपनी ने कभी नियुक्ति दी ही नहीं। किसी कंपनी ने बेरोजगार युवाओं से पांच हजार का डिमांड ड्राफ्ट मांग लिया तो किसी ने बाद में ज्वाइनिंग कराने की बात कहकर युवाओं को चलता कर दिया।

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