रॉबर्ट वाड्रा से तीसरे दौर की पूछताछ जारी

0
13

नई दिल्ली। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा पूछताछ में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को फिरप्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर पहुंच चुके हैं। यह तीसरी बार है जब प्रवर्तन निदेशायल ने वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इससे पहले वाड्रा से दो दिन पूछताछ कर चुका है, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिले।

यहां उनसे पूछताछ शुरू हो चुकी है और ईडी के डिप्टी डायरेक्टर के नेतृत्व में टीम उनसे सवाल-जवाब कर रही है। जानकारी के अनुसार आज ईडी, वाड्रा से उनकी भारतीय संपत्तियों के बारे में सवाल पूछ रही है। इनमें यह पूछा जा रहा है कि भारत में वाड्रा की कितनी प्रॉपर्टी हैं, पहली प्रॉपर्टी कब ली, कहां-कहां पॉबपर्टी है, कितने फ्लैट और प्लॉट हैं।

ईडी ने बुधवार को वाड्रा से 6 घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की थी। वहीं गुरुवार को भी वाड्रा करीब 9 घंटे तक ईडी ऑफिस में ही थे। शुक्रवार को वाड्रा पत्नी प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की बुक लॉन्च में पहुंचे थे। वहां उनसे ईडी की जांच पर सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

दूसरे दिन की पूछताछ में वाड्रा से गुरुवार की जांच के बाद ही कहा गया था कि उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। गुरुवार को वाड्रा को जांच में फिर से इसलिए शामिल होना पड़ा क्योंकि उनसे ब्रिटेन में कथित रूप से अचल संपत्तियां खरीदने के संबंध में और सवाल पूछे जाने थे। मिली जानकारी के मुताबिक, उस दिन वाड्रा के सामने वे दस्तावेज रखे गए थे जो एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान हासिल या जब्त किए हैं। उनमें फरार रक्षा डीलर संजय भंडारी से जुड़े दस्तावेज भी हैं।

बता दें कि यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप से जुड़ा हुआ है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की कही जाती है। इस जांच एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन की कई नयी संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। इनमें पचास और चालीस लाख पाउंड के दो घर और छह अन्य फ्लैट और अन्य संपत्तियां हैं।

2016 में जब आयकर विभाग ने रक्षा सौदों की दलाली करने वाले संजय भंडारी के यहां छापा मारा तो राबर्ट वाड्रा के साथ करीबी संबंधों का पता चला। भंडारी के पास मिले दस्तावेजों से राबर्ट वाड्रा की विदेशों में बेनामी संपत्तियों की सूची देखकर जांच एजेंसियां चौंक गई। आशंका है कि ये संपत्तियां रक्षा और पेट्रोलियम सौदों में दलाली की रकम से बनाई गईं थी। ईडी ने इस मामले में मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच शुरू कर दी।

कानून का बढ़ते शिकंजे को देखते हुए संजय भंडारी नेपाल के रास्ते देश से फरार हो गया। लेकिन संजय भंडारी के पास के मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी वाड्रा के खिलाफ सबूत जुटाती रही और पिछले साल दिसंबर में वाड्रा की कंपनियों पर छापा भी मारा। ईडी ने इस मामले में वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा से भी पूछताछ शुरू की। तब जाकर वाड्रा को पहली बार गिरफ्तारी की डर सताने लगा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई। अदालत ने 16 फरवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए ईडी के सामने पेश होने का आदेश दे दिया।

मूल रूप से मुरादाबाद के तांबे के बर्तनों के कारोबारी के घर पैदा हुए राबर्ट वाड्रा की शादी 1997 में प्रियंका गांधी से हुई थी। इसके बाद उन्होंने हैंडीक्राफ्ट वस्तुओं के निर्यात का कारोबार शुरू किया। 2004 में संप्रग की सरकार बनने के तीन साल बाद राबर्ट वाड्रा ने एक के बाद कई कंपनियां शुरू की। जिनमें मुख्यतौर पर वे और उनकी मां मॉरीन वाड्रा निदेशक हैं। 2014 में वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी एक खबर के मुताबिक 2007 में एक लाख रूपये की पूंजी से शुरू की गई वाड्रा की कंपनियों की कुल संपत्ति 2012 में 300 करोड़ रुपये से ऊपर हो गई थी।

०००००००००

LEAVE A REPLY