राहुल युवा ब्रिगेड की सदस्य नटराजन लड़ेंगी लोकसभा चुनाव

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मंदसौर संसदीय क्षेत्र के भाजपा नेताओं और रतलाम के उद्योगपति कश्यप की अपने पार्टी की आपसी रंजिश के चलते कभी कश्यप के सहयोग से बनी पूर्व संासद, राहुल गांधी युवा ब्रिगेड की नेत्री मीनाक्षी नटराजन अब पुन: अपने मंदसौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लडऩे की जुगत में हैं यह अलग बात है कि उन्हीं के संसदीय क्षेत्र मंदसौर में भाजपा शासनकाल में अपनी उचित मांगों के लिये प्रदर्शन करने वाले किसानों पर शिवराज सरकार द्वारा गोली चलाने के कारण छ: किसानों की मौत हुई थी उसी मंदसौर संसदीय क्षेत्र में इस घटना के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों की सुध लेने के लिये मोटरसाइकिल पर जीतू पटवारी के साथ सवार होकर वहां पहुंचे थे उसी मंदसौर में हुई एक सभा में राहुल गांधी ने प्रदेश में कांग्रेसी सरकार बनने के बाद दस दिन के अन्दर किसानों के कर्जमाफी की घोषणा की थी उसी मंदसौर में मीनाक्षी नटराजन के पूर्व संसदीय क्षेत्र मंदसौर में इसके बाद राहुल गांधी द्वारा सभा में की गई मीनाक्षी नटराजन ने किसानों के बीच कितना काम किया यह तो वहीं जाने लेकिन अब वह पुन: लोकसभा चुनाव के लिये सक्रिय हो गई हैं। देखना अब यह है कि जिस संसदीय क्षेत्र में राहुल गांधी की मंदसौर की सभा में किसानों की कर्जमाफी की घोषणा के कारण प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है। यह अलग बात है कि मंदसौर और उसके आसपास विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस को सफलता नहीं मिली हो और वहां से भाजपा के प्रत्याशी जीतकर आये हों इसके बाद अब मीनाक्षी नटराजन की अपने संसदीय क्षेत्र में क्या स्थिति होगी यह तो आने वाला लोकसभा चुनाव परिणाम ही बतायेगा। पहली बार के लोकसभा चुनाव के समय जिन कश्यप और भाजपा के नेताओं के सहयोग से पाण्डे बंधुओं से रंजिश के चलते मीनाक्षी नटराजन को मंदसौर संसदीय क्षेत्र से सफलता तो मिल गई थी लेकिन उसके बाद लोकसभा चुनाव हार चुकी मीनाक्षी नटराजन अब पुन: इसी संसदीय क्षेत्र से पुन: लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही हैं और वे अपने संसदीय क्षेत्र में तेजी से सक्रिय हो गई हैं। जिसकी वजह सेव माना जा रहा है कि वे अपने चुनाव की तैयारी कर रही है। दरअसल बीते रोज उन्होंने अपने क्षेत्र में आयोजित ब्लाक कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन से लोकसभा चुनाव लडऩे की मंशा जाहिर की। वहीं उन्होंने संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि कोई भी विधायक प्रत्याशी और कोई भी कार्यकर्ता निराशा ना रहे, हार की मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। साथ ही कहा कि नीमच जावद, मनासा में हार गए, लेकिन वहां से कांग्रेस प्रत्याशी ही आपके हमारे विधायक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जब टिकट वितरण हो जाता है तो हमें पार्टी द्वारा घोषित किए गए उम्मीदवार के लिए ही काम करना चाहिए। नीमच, मनासा व जावद में प्रत्याशी अपनी मर्जी से नहीं कांग्रेस आलाकमान की मर्जी से चुनाव लड़े हैं। मेरी नजर में पूरे संसदीय क्षेत्र में जहा-जहां भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काम किया है वह पूरी लगन ईमानदारी से काम किया है। किसी ने किसी के साथ विरोध में काम नहीं किया है। सांसद का इस प्रकार से बयान देना यही बताता है कि वे आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेसजनों में अपने आपसी मनभेद व मतभेद को मिटाकर एक मजबूत टीम तैयार कर रही है या यूं कहें दिल्ली से यह इशारा मिल चुका है मंदसौर लोस से उनकी उम्मीदवार पर मुहर लग सकती है।

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