रामेश्वर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो दिल्ली के जंतर-मंदर पर देंगे धरना – इसरानी

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के १३ वर्षों के कार्यकाल में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं की मनमानी के चलते पार्टी की साख को बट्टा को लगा ही है तो वहीं हुजूर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा जो अपने विधायकी कार्यकाल में बम्बईया फिल्मों में खलनायकों की तर्ज पर इलाकाबंदी कर अपने विधानसभा क्षेत्र में किसी भी भाजपा के अन्य जनप्रतिनिधि को बिना अपनी अनुमति के फटकने तक नहीं देते थे? उनकी दादागिरी या मनमानी की स्थिति यह थी कि महापौर आलोक शर्मा जिनके लिए कोलार भी नगर निगम भोपाल की सीमा के अन्तर्गत आता है वहां के विकास से अवगत कराने के लिये क्षेत्र के लोगों ने धरने तक दिये, लेकिन रामेश्वर शर्मा की इलाकाबंदी की हद के कारण महापौर भी कोलार में नहीं पहुंच पाए। रामेश्वर शर्मा की बम्बई फिल्मों की स्थिति तो यहां तक रही कि गांधी नगर में स्थित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक कार्यक्रम में महापौर आलोक शर्मा को फटकने तक नहीं दिया। भाजपा के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की मनमानी के ऐसे कई उदाहरण भाजपा की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं तो वहीं उनके क्षेत्र में हुए विकासों में कमीशनखोरी और बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के मुद्दे भी चर्चाओं में हैं, हुजर विधायक रामेश्वर शर्मा की देखा-देखी पूरे प्रदेश में चंदाखोरों की एक फौज तैयार हुई और उसी फौज के चलते लोग विधायक रामेश्वर शर्मा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मामा की छवि के बाद लोग शर्मा को चंदामामा के नाम से चटकारे लेकर पुकारते नजर आते हैं। उन्हीं चंदामामा शर्मा और बम्बई फिल्मों के इलाकाबंदी के लिये पांच साल तक चर्चा में रहे रामेश्वर शर्मा की सिंधी समाज के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी को लेकर सिंधी समाज में भारी आक्रोश है और समाज के लोग भाजपा से रामेश्वर शर्मा को बाहर करने के साथ-साथ सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष भगवानदेव इसरानी रामेश्वर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि यदि शर्मा की गिरफ्तारी शीघ्र नहीं हुई तो सिंधी समाज के लोग दिल्ली के जंतर-मंतर भी धरना देंगे तो वहीं प्रदेशभर में रामेश्वर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। कुल मिलाकर भाजपा के शासनकाल में हुजूर विधायक जो चंदाखोरी, कमीशनखोरी के साथ-साथ अपनी बम्बईया फिल्मों की खलनायकी की दादागिरी की तरह बिना अनुमति किसी को अपने क्षेत्र में न घुसने देने के लिए पहचाने जाने वाले रामेश्वर शर्मा की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, जहां एक ओर चुनाव प्रचार अभियान के बीच सिंधी समाज के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण सिंधी समाज द्वारा रामेश्वर शर्मा का विरोध किया ही जा रहा है तो इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं के साथ-साथ हुजूर क्षेत्र में सक्रिय तमाम संगठनों और राजनीतिज्ञों द्वारा रामेश्वर शर्मा के कार्यकाल में कराये गये विकास कार्यों की दबी जुबान से मांग करते नजर आ रहे हैं। सिंधी समाज की तरह इन लोगों का यह भी कहना है कि यदि रामेश्वर शर्मा के कार्यकाल में हुए हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की यदि जांच नहीं कराई गई तो क्षेत्र में रामेश्वर शर्मा के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन किये जाने की रूपरेखा बनाई जा रही है, कुल मिलाकर चंदाखोरी के कारण चंदामामा के नाम से प्रसिद्ध रामेश्वर शर्मा चहुंओर उनके खिलाफ उठ रहे विरोध को लेकर काफी परेशान हैं तो वहीं क्षेत्र के लोग रामेश्वर शर्मा की मनमानी के खिलाफ भी धीरे-धीरे उग्र होते जा रहे हैं। देखना अब यह है कि भाजपा के इन चंदाखोरी के कारण चंदामामा की उपाधि से जानेे जाने वलो रामेश्वर शर्मा को लेकर भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री क्या कदम उठाते हैं? फिलहाल तो रामेश्वर शर्मा के खिलाफ सिंधी समाज के अलावा क्षेत्र के लोगों में आक्रोश दिन-ब-दिन पनपता जा रहा है? यह वही रामेश्वर शर्मा हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र सहित तमाम सरकारी अधिकारियों को अपने कार्यकाल में धमकाने का काम तो किया ही है तो वहीं प्रदेश के अन्नदाताओं के खिलाफ गलत टिप्पणी भी करने में नहीं चूके थे?

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