मुझसे बड़ा धार्मिक व्यक्ति नहीं : दिग्विजय सिंह

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। दिग्विजय सिंह ने इससे पहले कहा था कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने अयोध्या में साल १९९२ में उस ढांचे को गिराया था, जहां राम की पूजा हुआ करती थी। इस बयान पर दिग्विजय सिंह ने कहा, सन ५२ में वहां पूजा होती थी। वहां नमात तो पढ़्ी नहीं जा रही थी। गुरु गोलवलकर जी ने राम को अवतार नहीं माना है। उन्होंने आदश्र माना है, वे आर्य समाज के लोग हैं, मैं सनातनी हूं। मैं तो उस बात का भी विरोध करता हूं कि लोग नारा जयश्री राम का क्यों लगाते हैं, सीता जी को क्यों भूल जाते हैं। सिया राम का नारा लगाए। वे लोग धार्मिक नहीं हैं। वो धर्मांधता फेलाते हैं और धर्मान्धता से नफरत फैलाती है। मुझसे बड़ा धार्मिक व्यक्ति बीजेपी में नहीं मिलेगा। प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने पर दिग्विजय ने कहा, इस देश को बचाना है तो इस देश की संस्कृति, इस देश का स्वभाव हमें समझना चाहिए प्रणब मुखर्जी ने सही जगह पर सही आइना दिखाया, लेकिनउन लोगों पर कोई प्रभाव पड़ेगा। आरएसएस मुझे भी आमंत्रित करे तो मैं भी जाऊँगा और उन्हें आइना दिखाऊंगा, लेकिन वो मुझे बुलाएंगे नहीं।

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