मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चाएं जोरों पर

0
888

०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार में बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है किसी को इसका अंदाजा नहीं है कि कौन नया चेहरा सरकार में आने वाला है, किसकी छुट्टी होने वाली है और किसका विभाग बदला जाना है लेकिन भाजपा के नेता और सरकार के मंत्रियों को इसकी भनक है कि बदलाव होने वाला है और संभव है कि यह बहुत बड़ा बदलाव हो, खैर किसे मंत्रीमण्डल में शामिल करना है और किसे नहीं यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपना मामला है, लेकिन इसी बीच यह खबर भी जोरों पर है कि तीन-चार राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली बुलाये जा सकते हैं, हालांकि इन सारे मुख्यमंंत्रियों ने इस तरह की खबरों का खंडन किया है। लेकिन इन बुलाए जाने वाले मुख्यमंत्रियों में शामिल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि भले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी कुर्सी बचाने के फेर में मुख्यमंत्री ने ज्योतिषियों द्वारा बताये गये सारे टोने-टोटकों का सहारा लेकर उन सबको पूर्ण कर लिया और कहने वाले तो यहां तक कहते नजर आ रहे हैं कि नमामि नर्मदे यात्रा भी उसी क्रम में जारी है और ११ नवम्बर से ११ मई तक चलने वाली इस यात्रा का समापन ११ मई को होना था लेकिन शायद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस नमामि देवी नर्मदा यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे टोटके की भनक शायद प्रधानमंत्री मोदी को लग गई तभी तो उन्होंने इस यात्रा की समाप्ति की ११ तारीख को समापन में शामिल होने के लिये मना कर दिया और उसकी तारीख ११ से बढ़ाकर १५ कर दी गई, भाजपा के नेताओं सहित अन्य दलों के नेताओं में नमामि नर्मदे यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे टोने टोटके की चर्चा आम है तो वहीं अमरकंटक में आने वाले नेताओं को लेकर भी कई तरह की भ्रांतियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं, खैर मामला जो भी हो लेकिन आगामी समय में केन्द्र सरकार में बदलाव की उल्टी गिनती जरूर शुरू हो गई और इस बदलाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिल्ली जाने को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है देखना अब यह है कि जैसी कि प्रदेश में आम चर्चा है कि अपनी कुर्सी बचाने के फेर में ज्योतिषियों द्वारा बताये गये टोटकों के चलते मुख्यमंत्री ने दो टोटकों को अंजाम दिया है ओर तीसरा नमामि नर्मदे यात्रा इन दिनों चल रही है जो अब ११ की बजाए १५ मई को सम्पन्न होगी, राज्य में भाजपा के मुख्यालय दीनदयाल परिसर से लेकर राजनैतिक क्षेत्र में जिस तरह की मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने को लेकर टोटकों के सहारे की चर्चा जारी है उसमें पहला मुख्यंत्री को अपने निवास पर दलितों को भोजन कराने की चर्चा है तो इसको लेकर लोग यह तर्क देेते नजर आ रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन पर जिन सफाई कर्मचारियों को भोजन कराया था वह उसी टोटके का एक अंग था और दूसरा टोटके के बारे में जो चर्चा आम है उसमें यह दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री को एक ज्योतिष ने बताया था कि वह शनिवार को अपने वस्त्रों का दान करें और इसी टोटके को अंजाम देने के लिए मुख्यमंत्री ने १४ जनवरी जिस दिन शनिवार था नेकी की दीवार नाम पर आनंदम् का शुभारंभ कर अपने उपयोग किए हुए कपड़ों का दान किया तो लोगों में तीसरे टोटके के बारे में जो चर्चा है कि ज्योतिषियों द्वारा अपने परिवार के साथ नर्मदा यात्रा करने का तरीका बताया गया था और उन्हीं ज्योतिषियों की सलाह पर नमामि देवी नर्मदा यात्रा का दौर जारी है, हालांकि जिस प्रकार से नर्मदा यात्रा की प्रथा और परम्पराएं हैं उस तौर तरीके से न तो यह वह यह नर्मदा यात्रा कर रहे हैं लेकिन हां यह जरूर है कि इस यात्रा के दौरान पूरे नर्मदा यात्रा क्षेत्र में सपत्नी शामिल हो रहे हैं और नर्मदा मैया की आरती कर रहे हैं यह अलग बात है कि यह सब कार्यक्रम करते समय वह सब भूल जाते हैं कि भारतीय परम्पराओं के अनुसार जूता या चप्पल पहनकर न तो किसी अनुष्ठान में और न ही पूजा अर्चना में भाग लिया जा सकता है लेकिन सोशल मीडिया में जिस तरह के नर्मदा यात्रा को लेकर फोटो वायरल हुए उस एक फोटो में मुख्यमंत्री द्वारा जूते पहने नर्मदा की आरती करते दिखाया गया है, पता नहीं इस आधुनिक और तकनीकी युग में वायरल हुआ यह चित्र कितना सही है और कितना गलत ओर वहीं दूसरी ओर इस आधुनिक युग में जहां सरकारी स्तर पर लोगों को टोने टोटकों का सहारा न लेने के लिये जन जागृति अभियान चलाकर यह सलाह दी जाती है कि वह टोने टोटकों का सहारा न लें और ऐसी स्थिति में राज्य के राजनीतिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिये टोटकों का सहारा लेने की चर्चा लोग चटकारे लेते नजर आ रहे हैं, हालांकि इस तरह की चर्चा करने वाले लोगों की चर्चाओं में कितन दम है यह वही जाने या फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके वह ज्योतिषी जिन्होंने मुख्यमंत्री को इस तरह के टोने-टोटके अपनाने की सलाह दी है, खैर बात यदि टोने-टोटके की चली तो इस प्रदेश की राजनीति से जुड़े लोगों द्वारा आये दिनों प्रदेश के तांत्रिक और धार्मिक स्थलों पर हवनों और तांत्रिक क्रियाएं सम्पन्न करने की चर्चाएं जोरों पर रही और इसी के चलते यह चर्चा भी आम है कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले दिनों एक बंगलामुखी के मंदिर में तांत्रिक यज्ञ का आयोजन किया गया था, लोगों का तो यह भी दावा है कि यह यज्ञ इतना विशाल था कि इसमें एक ट्रक हवन सामग्री का प्रयोग किया गया। जहां तक बंगलामुखी की पूजा-अर्चना को लेकर यह कहा जाता है कि यह तांत्रिक देवी हैं और इनको प्रसन्न करने के लिये लोग तरह-तरह की तांत्रिक क्रियाओं का सहारा लेते हैं तो वहीं दतिया के पीतांबरा पीठ में देशभर के राजनेताओं द्वारा अनुष्ठान सम्पन्न कराये जाते हैं। तो वहीं जहां तक नर्मदा की बात करें तो जब स्वर्गीय इंदिरा गांधी नर्मदा से जुड़े एक कार्यक्रम में आई थीं तो उसी दौरान खंडवा के एक कांग्रेसी नेता के द्वारा नर्मदा में काली हांडी के जरिये एक तांत्रिक टोटका करने की चर्चाएं जोरों पर रही थीं। खैर, इस आधुनिक युग में लोग अपनी सुख समृद्धि और अपने कारोबार और व्यापार और अपनी राजनीति के वर्चस्व कायम करने के लिये टोने टोटके का भी सहारा लेते हैं ऐसा कई करते कई राजनेताओं को देखा गया, बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा अपनाये गये टोटकों की करें तो यह वह जाने इन चर्चाओं में कितना दम है और कितनी मुख्यमंत्री को बदनाम करने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं इसको लेकर मुख्यमंत्री के अलावा कोई दावा नहीं कर सकता लेकिन यह जरूर है कि केन्द्र सरकार में हो रहे बदलाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रभावित होने की खबरों का दौर जारी है।

००००००००००००००

LEAVE A REPLY