महिला अपराधों में २५ सालों से प्रदेश अव्वल नम्बर पर

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। महिला अपराधों में मध्यप्रदेश अव्वल नम्बर पर है कि बात को पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला ने न केवल स्वीकार किया बल्कि यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में यह स्थिति पिछले २५ सालों से है। महिला अपराध से जुड़े सवाल को डीजीपी हल्के से टाल गए। मौका था पुलिस कंट्रोल रूप रीवा में बुलाई गई पुलिस महानिदेशक की प्रेस-कान्फ्रेंस का। प्रेस कान्फ्रेंस में डीजीपी ने दस्यु समस्या, महिला अपराधों की समीक्षा डायल १०० और नशे के कारोबार पर जानकारी ली गई। उन्होंने विभाग में चल रहे आधुनिकीकरण के बारे में भी जानकारी दी। अपराध और घटनाओं के अंकुश पर उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त समाज के लिए रामराज्य की आवश्यकता है। महिला से जुड़े अपराधों के मामले में सवाल पूछने पर डीजीपी ने स्वीकार किया कि पिछले २५ सालों से मध्यप्रदेश महिला अपराधों के मामले में नम्बर-वन है। लेकिन मध्यप्रदेश में महिला अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा होने के पीछे डीजीपी ने इन मामलों में तुरंत मामला दर्ज होने का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित सभी मामले तुरंत दर्ज हो रहे हैं। इसलिए अपराधों की संख्या में मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि महिला अपराधों से जुड़े चार सौ से अधिक प्रकरणों में आजीवन कारावास या उससे अधिक की सजा भी पुलिस द्वारा विवेचना कर दिलवाई जा चुकी है। डीजीपी ने बताया कि सतना एंव रीवा जिले के यूपी से लगे दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाली टीम में युवा उप निरीक्षक भी शामिल किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही युवा और योग्य उपनिरीक्षक के तबादले किए जाएंगे। जिसके बाद इन क्षेत्रों में काम कर रही एंटी डकैती टीम ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकेगी। नई टीम दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के सभी गांवों के लोगों से सतत सम्पर्क रखेगी। जिससे डाकुओं की मूवमेंट का आसानी से पता लगाया जा सके। लड़कियों की सुरक्षा और टीजिंग के मामले में डीजीपी ने बताया कि विभाग जल्द ही लड़कियों को बतौर इंटर्नशिप विभाग में काम करने का मौका देगा। जिससे उन्हें पुलिस विभाग की कार्य प्रणाली का पता चल सके। इसके साथ ही उनके साथ होने वाले अपराधों में मामला दर्ज करने की उनकी झिझक भी समाप्त हो सके। पुलिस कर्मियों को कम मिल रहे अवकाश के बारे में पूदने पर डीजीपी ने बताया कि जल्द ही सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी। स्वीकृत कर पाएंगे और पुलिसकर्मी की छुट्टियों का ब्यौरा भी इसमें मिल जाएगा। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को मेडिकल की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। पुलिस कॉलोनी में जिम की व्यवस्था, आरओ पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा शासकीय कार्य से जिला मुख्यालय में आने वाले कर्मचारियों को ठहरने के लिए गेस्ट हाउस भी बनाए जाएंगे।

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