मऊरानीपुर -लगातार तीसरे दिन भी पार्षद का धरना प्रदर्शन जारी

0
166

०-अनुज श्रोत्रिय /राज अरजरिया
मऊरानीपुर/ झांसी। (हिंद न्यूज सर्विस)। नगर पालिका परिषद मऊरानीपुर के नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशाषी अधिकारी के भ्रष्ट एव स्वेच्छाचारी कारनामो के विरोध में उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष सोमबार को तीसरे दिन नगर पालिका परिषद एक पार्षद चिंतामन श्रीवास का अनिश्चित कालीन धरना /प्रदर्शन जारी रहा लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने पार्षद की नही सुनी।धरना प्रदर्शन में पार्षद को भा ज पा कार्यकर्ताओ का बढ़चढ़ कर सहयोग मिल रहा है।धरना प्रदर्शन के दौरान 12 मांगो का एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को भेजा।ज्ञापन मे बताया गया कि नगर पालिका परिषद द्वारा पार्किंग एव बैलाई के ठेके नियम विरुद्ध तरीके बिना किसी नीलामी किये सपा समर्थित लोगो को दिए गए।जिनके जरिये खुलेआम अवैध वसूली जोरो पर चल रही है तथा नगर पालिका की सीमा के बाहर गुंडो द्वारा बैरियल लगाकर अवैध बसूली की जा रही है।वर्ष 2017 में विधान सभा चुनाव के दौरान नगर पालिका द्वारा 15 हजार गौवंश की क्षमता वाली गोशाला खोलकर चुनावी लाभ उठाने का प्रयास किया था।जिसके लिए शासन से गौशाला के नाम पर करोड़ो रूपये खर्च किये लेकिन आज हजारो गौवंश भूखे मर गए थे जिन्हें जे सी बी से गड्डा खुदवाकर गौशाला के अंदर दफन कर दिया गया।पुरानी तहसील के आवासीय परिसर को पूर्व शासन में गुंडई के दम पर कब्जा कर मेला ग्राऊंड बना दिया गया।जिसकी दर्जनों शिकायत नगरवाशियो ने किन्तु उक्त शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक दी गई।तहसीलदार के आवासीय परिसर में स्थित पुरात्तव महत्व की बाबरी एव सुखनई नदी किनारे सहित कुए जिनमे अथाह जल था उन्हें नगर पालिका परिषद ने कचरे से पटवा कर बन्द कर दिया।नगर पालिका द्वारा करोड़ो रूपये के सैखड़ो बोर कराए जो मानक के अनुसार न होने के कारण साल भर में ही बोर लेप्स हो गए।नगर के मोहल्ला पुरानी मऊ में विशाल काय बाबरी को पाटकर उस पर तीन दुकाने बनाकर बेच दी।प्रधान मंत्री आवास के नाम पर पात्रो को ढाई लाख का प्रवधान है।लेकिन उन आवासों पर भी दस दस हजार लिए गए।तब कही जाकर उन्हें प्रधामंत्री आवास की किसे निर्गत की गई।तथा इस योजना में दर्जनों आपात्रो को लाभ दिया गया।सुखनई नदी के रिपटे पर नदी के दोनों ओर मानक विहीन घाट एव पक्की सड़क बनाई गई।जिनके निर्माण पर लाखों रुपये कमीशन लिया गया।भारत सरकार द्वारा स्वछ भारत मिशन के अंतर्गत सुखनई नदी की सफाई व खुदाई के नाम करोड़ो रूपये का गबन किया गया।जबकि सुखनई नदी कितनी साफ व कितनी खुदाई हुई इसके प्रमाण की आवश्यकता नही है।नदी में पूरे नगर के नालो को डाल दिया गया जिससे नदी एक विशाल गंदे नाले में तब्दील हो गई।नगर पालिका द्वारा करोड़ो रूपये वृक्षारोपण किये गए।लेकिन धरातल पर दो प्रतिशत भी वृक्ष नही दिखाई दे रहेहै।नगर पालिका में कोई भी कार्य सुविधा शुल्क के बगैर नही किया जाता।मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पूर्व पार्षद राकेश सेठिया,प्रदीप गुप्ता,वीरेंद्र अग्रवाल,चिंतामन श्रीवास,रामजी,शेलेन्द्र भदौरिया प्रदीप पटेल,आदि के हस्ताक्षर मौजूद है।

०००००००००

LEAVE A REPLY