भाजपा और आरएसएस देश की संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है- राहुल गांधी

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रायपुर। (हिन्द न्यूज सर्विस)। दो दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस देश की संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही हैं।

राजधानी रायपुर में राजीव गांधी पंचायती राज सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को मोदी सरकार आरएसएस के लोगों से भर रही है, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में कभी ऐसा नहीं किया गया। सरकार का ऐसा तानाशाही रवैया सिर्फ पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों में ही देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों को जनता के सामने अपनी बात रखने के लिए आना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रेस के साथ-साथ भाजपा सांसद भी प्रधानमंत्री मोदी से डरते हैं।

उन्होने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम लिए बगैर उन पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि हत्या का आरोपी राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष है,और दूसरी ओर जज लोया की मौत। इन सबका कैसे तार जुड़ा है,समझा जा सकता हैं। उन्होने कहा कि जो डर एवं भय जजों में है वहीं प्रेस के अन्दर है। यहां तक की भाजपा के सांसद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने एक शब्द नही बोल सकते। महाराष्ट्र के उनके एक सांसद ने किसानों की बात उठाई और उसे बाहर कर दिया गया।

कर्नाटक का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि वहां विधायकों का बहुमत एक तरफ है तो राज्यपाल दूसरी तरफ है। क्या कोशिश हो रही है। संविधान का मजाक उडाया जा रहा है।सरकार बनाकर विधायकों को तोडऩे की कोशिश की जा रही है। उन्होने जनतादल(एस) द्वारा उसके विधायकों को तोडऩे के लिए कथित रूप से 100 करोड़ रूपए के आफर के खुलासे का जिक्र करते हुए इसे बेहद शर्मनाक करार दिया।

राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा को महिला और आदिवासी विरोधी बताते हुए कहा, भाजपा वालों की विचारधारा है कि महिला की आवाज खुलकर नहीं गूंजनी चाहिए। इनका सोचना है कि महिला सिर्फ खाना पकाए, दलित सिर्फ सफाई करे और आदिवासी सिर्फ जंगल में रहें। इसीलिए वे सभी संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान गरीब देश नहीं है, यह गरीबों का देश है। छत्तीसगढ़ के पास क्या नहीं है? खनिज है, पानी है, लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ गरीब राज्य है।

किसानों की कर्जमाफी की चर्चा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, अरुण जेटली कहते हैं कि किसान का कर्ज माफ करना हमारी सरकार का काम नहीं है, ऐसी कोई योजना नहीं है। वहीं, देश के 15 अमीरों का ढाई लाख करोड़ कर्ज माफ हो जाता है, इस पर वित्त मंत्री कुछ नहीं बोलते।

राहुल गांधी ने कहा कि जब वह उत्तर प्रदेश में भट्टा पारसौल गांव गए थे और जमीन का मामला उठाया था तब उनके उपर सबसे ज्यादा हमले किए गए। हमने कहा था कि जब भी किसानों की जमीन ली जाएगी, पंचायत की अनुमति के बगैर नहीं ली जाएगी, लेकिन जब भाजपा की सरकार आई तब अध्यादेश के माध्यम से इसे खत्म करने की कोशिश की गई।

राहुल ने पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों से कहा कि हिंदुस्तान के पंचायत संगठन में बहुत ज्यादा शक्ति है। इसे कभी भी कमजोर नहीं होने देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह दो विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ कांग्रेस की विचारधारा है तथा दूसरी तरफ आरएसएस की विचारधारा है। हमको मिलकर खड़े होना है। हमें संविधान की रक्षा करनी है।

राहुल ने पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार आएगी तो उनकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार होगी जिसमें मोदी सरकार लगातार विफल रही है। किसानों की बेहतरी के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसानों को बोझ समझती है, लेकिन कांग्रेस उन्हें शक्ति मानती है। इस देश में कोई भी भूखा नहीं रहता, यह किसानों की ही देन है। राहुल छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं। अपने पहले दिन के दौरे में उन्होंने कांग्रेस से जुड़े पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित किया।

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