प्रदूषण बोर्ड की लापरवाही से प्रदूषित हुआ औद्योगिक नगरी के कुएं तालाब का पानी

0
43

कटनी। (हिन्द न्यूज सर्विस)। कैमोर एसीसी सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रदूषण से जनमानस को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रहवासियों का जीना, खाना, रहना हराम हो चुका है। एसीसी प्लांट इस प्रदूषण को रेाकथाम करने की बजाय प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की सेवा कर नियम विरुद्ध तांडव मचा रही है। वहीं शासन को भी भ्रमित कर रही है। कैमोर नगर के साथ साथ बडारी, खलवारा, अमेहटा, खरखरी, कलेहरा, महागांव, मोहनीया, हरैया, कोहारी, महगांव, मोहनीया, हरैया, कौहारी सलैया, तिलक चौक, लभेरहा आदि अनेकों गांव प्रदूषण की चपेट में हैं। प्रदूषण से जानलेवा बमारियां फैल रही हैं। दमा, टीबी, खाज-खुजली आदि से आम आदमी ग्रसित है। रहवासियों की कुछ ऐसी परेशानी – रहवासियों को शुद्ध पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा। आसपास के कुएं, तालाब इस प्रदूषण की चपेट में आ चुके हैं जानवरों के पानी पीने की व्यवस्था तक समाप्त हो चुकी है। भाजपा, कांग्रेस के जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर कीचड़ उछाल कर खुद सुरक्षित कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार आने के बाद आशा की गयी थी कि क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी। अनेकों शिकायत कैमोर एसीसी सीमेंट, प्लांट की शासन तक पहुंची जिसमें प्रमुख रूप से प्रदूषण रहा। पर शासन ने भी अपने हाथ खड़े कर दिये। अब यह प्रतीत होता है कि अधिकारी, जनप्रतिनिधि कैमोर क्षेत्र की जनता की हिफाजत करने में असमर्थ हैं। वन प्राणियों की हो रही मौत – एसीसी सीमेंट प्लांट ने अपनी सुविधा के लिए २२ किलोमीटर लम्बा कनवेयर बेल्ट लगा रखा है। यह बेल्ट कैमोर पहाड़ के बाजू से गुजरा है तथा इस बेल्ट के नीचे कई गांव बसे हुए हैं। जो बेल्ट के प्रदूषण को झेल रहे हैं। वहीं पहाड़ से रोजाना अनेकों जंगली जानवर पानी की तलाश में पहाड़ से नीचे उतरते हैं और बेल्ट की सुरक्षा जाली की चपेट में आकर मौत की नींद सो जाते हें। इन जंगली जानवरों की मृत्यु का भी खुलासा नहीं हो पाता क्योंकि वन विभाग के सभी बीट अधिकारी एसीसी की सुविधाओं को लेकर एसीसी के ही बंगलों में रहते हेँ। जबकि एसीसी की जंगली क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा का भार एसीसी वन वन विभाग के अधिकारियों का है। देखा तो यह भी जा सकता है कि कैमोर में लगा यह कवेयर बेल्ट रहवासी इलाकों से गुजरा है। जिसकी ऊँचाई भी असुरक्षित है। जमीन से नजदीक होने की वजह से भी आम आदमी असुरक्षित है। देखना यह है कि भाजपा के सत्ता में रहते हुए जनप्रतिनिधियों ने तो एसीसी को बढ़ावा देकर एसीसी से तांडव कराया है, पर क्या यही हाल कांग्रेस की सरकार भी करेगी?

०००००००००००००

LEAVE A REPLY