पी सी शर्मा – ईश्वर सिंह की जोड़ी क्या “जगतपति आयोग “का नया इतिहास लिखेंगे?

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। एक समय था जब मुख्यमंत्री कमलनाथ मंत्रिमंडल के सदस्य पी सी शर्मा और कांग्रेसी नेता ईश्वर सिंह चौहान की बहुचर्चित जोड़ी कांग्रेस के सत्ता में आते ही एक बार फिर सक्रिय हो गई है।इस जोड़ी के सक्रिय होते ही भोपाल राजधानीवासियों और राजनीति से जुड़े लोगों “जगतपति आयोग ” के द्वारा की याद ताजी हो उसी। वही आयोग के द्वारा अपनी रिपोर्ट की गई एक -एक टिप्पणी का भी स्मरण होने लगा है? यह अलग बात है कि यह चर्चित जोड़ी एक हो और कुछ एैसा कमाल मुख्यमंत्री कमलनाथ के शासनकाल काल में दोहरा सके जिसकी उम्मीद राजनीति से जुड़े लोगों को संभावनाएं दिखाई नहीं दे रही हैं ।मगर मंत्री पद पाते ही शर्मा को लेकर जिस प्रकार की चर्चाओं का दौर इस समय लोग चटखारे लेकर करते नजर आ रहे हैं? वह शर्मा की कार्यशैली पर तमाम सबाल खडे़ जरुर कर रहे हैं? शर्मा को लेकर मंत्रालय से लेकर राजधानी में ही नहीं उनके वह कार्यकर्ताओं मैं चल रही चर्चाओं पर यदि विश्वास करें तो बड़ी ही रोचक हैं। यही वजह है कि जिन कार्यकर्ताओं ने तन, मन और धन से शर्मा को आज यहां तक पंहुचाने के संघर्ष किया मंत्री पद पाते ही शर्मा के रवैया के चलते ही अनेकों ने उनका साथ छोड़ दिया और कुछ ने तो पार्टी की ख़ातिर उनके साथ खडे होकर मजबूरी में साथ खड़े होने का दिखावा कर रहे हैं। जिसका खामिजा शर्मा के व्यवहार के चलते लोकसभा में पार्टी की भुगतना पड़ेगा। राजधानी में भाजपा शासनकाल में कांग्रेस को ज़िंदा रखने वालों में शर्मा के सत्ता में पद पाते ही इस तरह पार्टी के नारे की तरह “वक्त है बदलाव का ” इस तरह बदलाव जाएगा ऐसी उम्मीद किसी कार्यकर्ता ने नहीं की थी? शर्मा के रवैया में इस तरह के बदलाव से हर पार्टी का कार्यकर्ता असंतुष्ट नजर आ रहा है? तो वही मंत्री के रुप में शर्मा की कार्यशैली पर भी सबाल खडे़ होने लगे हैं। तो लोग राजधानी में बनने बाली इन्द्रा मार्केट के हो रहे निर्माण कार्य को लेकर तरह – तरह की चर्चाएं करते नजर आ रहे हैं। वही विधि विभाग के भाजपा शासनकाल में चर्चित एक भ्रष्ट अधिकारी की फाईल जो मंत्री के बंगले पर पिछले ढेड माह से अंडे देने की प्रतीक्षा में सोई पड़ी है। उक्त फाईल को लेकर भी विभाग में चर्चाओं का दौर भी जारी है।जबकि विभाग द्वारा इस बात का खुलासा “सूचना के अधिकार” के तहत विभाग से जानकारी मांग जाने पर संबंधित को लिखित में जानकारी दी है कि संबंधित फाईल मंत्री के है ।इस जानकारी को दिए ढेड माह होने को है मगर फाईल मंत्री के यहां से वापस नहीं आई। ऐसे एक नहीं अनेकों विषय को लेकर अनेकों तरह -तरह की शर्मा की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का दौर लोग चटखारे लेकर करते नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ दिन रात एक कर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनता को चुनाव के समय दिए गए वचनों को पूरा कर लोकसभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व मे सरकार बनाने में लगे हुए हैं वहीं दूसरी ओर उनके ही मंत्रिमंडल के अनेकों मंत्री अपनी कार्यशैली से पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता में असंतोष बढ़ा का काम करने में लगे हैं ऐसी स्थिति में लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने मंत्रियों के कार्यशैली के चलते किस तरह से अपने लक्ष्य की पूर्ति कर पाएंगें इह तरह के अनेकों सबाल खडे़ हो रहे हैं?
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