पश्चिम बंगाल-बशीरहाट पहुंचने से पहले रूपा गांगुली हिरासत में

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कोलकाता। (हिन्द न्यूज सर्विस)। पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में हुई हिंसा को लेकर सियासत और गरम हो गई है। भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर लोगों की सुरक्षा के लिए कदम न उठाने और एक मजहब के लोगों को खुश करने का आरोप लगाया है। भाजपा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को हिंसा प्रभावित बशीरहाट, बदुडिय़ा क्षेत्र का दौरा करने के निकला, लेकिन रास्ते में भाजपा सांसद रूपा गांगुली को हिरासत में ले लिया गया। वहीं, वामपंथी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में जाने से रोक दिया गया है।

वाम मोर्चा विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने बताया, हमें अशोकनगर के निकट इस आधार पर रोक दिया गया कि हमारे जाने से वहां कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। लेकिन हम वहां कोई राजनीतिक कार्यक्रम के तहत नहीं जा रहे हैं। हम दंगा प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे हैं।

चक्रबर्ती ने बताया कि वाममोर्चा पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जिले के बरसात क्षेत्र में प्रदर्शन करेगा। डब्ल्यूपीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक दल को इसी आधार पर बारासात क्षेत्र में रोक दिया गया। भाजपा के दल का नेतृत्व राज्य में पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे।

भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया। बदुरिया और इसके आसपास के इलाके में सप्ताह की शुरुआत में एक किशोर द्वारा डाले गए फेसबुक पोस्ट के बाद सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था। हालांकि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन दोनों ही सांप्रदायों के बीच झड़प हो गई। दंगे के दौरान दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई।

इधर, भाजपा प्रतिनिधमंडल की अगुवाई सांसद दिलिप घोष कर रहे थे। भाजपा ने तीन वरिष्ठ नेताओं की एक कमिटी भी बनाई है। इस कमिटी में उपाध्यक्ष ओम माथुर, सांसद मीनाक्षी लेखी और सत्यपाल सिंह (मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर) शामिल हैं। यह कमिटी शुक्रवार को बशीरहाट जाती है या बाद में यह सुबह ज्यादा साफ नहीं था। भाजपा ने अपने कार्यकर्ता कार्तिक घोष पर हमले के बाद महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को गुरुवार को वहां भेजा था। लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया। उन्हें अस्पताल में जाने से भी रोका।

इसके बाद सांसदों की उच्च स्तरीय कमिटी बनाने फैसला किया गया। यह कमिटी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को रिपोर्ट देगी। भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी की सरकार मजहब के आधार पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। भाजपा ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा भेजी गई 800 जवानों की फोर्स भी पूरी नहीं ली है। 400 जवान वापस कर दिए गए। इससे साफ है कि राज्य सरकार हिंसा प्रभावित इलाके में शांति नहीं चाहती है। वह एक वर्ग को दंगाइयों की ज्यादतियों के हवाले किए रखना चाहती है।

उत्तरी परगना जिले में हिंसा की आलोचना करते हुए लेफ्ट पार्टियों ने कहा है कि राज्य सरकार विफल हो गई है। वरिष्ठ नेता प्रकाश करात ने गुरुवार को मांग की थी कि प्रभावित इलाके में सेना तैनात की जाए।

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