पन्ना: ग्रामीण आजीविका मिशन से स्वयं के ट्रेक्टर एवं दुग्ध व्यवसाय से हुआ सपना साकार

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पन्ना। (हिन्द न्यूज सर्विस)। पन्ना जिले से 5 किमी की दूरी पर पन्ना विकासखण्ड अंतर्गत माझां ग्राम स्थित है। भौगोलिक दृष्टिकोंण से ग्राम के 40 प्रतिशत लोग कृषि कार्य है। ग्राम में कुल 05 स्व सहायता समूह गठित है। जय संतोषी मॉ स्वसहायता समूह की सदस्य रामकली यादव, जो दो बेटों के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, नवंबर 2012 में स्व सहायता समूह से जुडकर अपनी आर्थिक स्थिति को सृदृण करने का संकल्प लिया। पूर्व में रामकली के पास आय के साधन मौसम आधारित कृषि एवं मजदूरी था, मजदूरी के रुप में पत्थर खदान में काम करने के कारण स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था। जिससे उन्हे मासिक 3000 से 4000 रुपये प्राप्त हो रहा था।

स्वयं के मकान की स्थिति जर्जर होने के कारण रामकली के द्वारा प्रथम बार स्व सहायता समूह से 50000 रु. ऋण लेकर मकान मरम्मत एवं एक भैंस क्रय की,जिससे वह दुग्ध विक्रय का कार्य करने लगी तथा समूह से ली गई राशि भी वापस की गई। रामकली का बेटा चतुर सिंह यादव जो कि ट्रेक्टर चलाना जानता था, रामकली के द्वारा द्वितीय बार 30000 रु. ऋण लिया गया ऋण लेकर रामकली के द्वारा किराये पर ट्रेक्टर लेकर भुसा क्रय-विकृय का कार्य किया जाने लगा। जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और उसी के द्वारा ऋण राशि की अदायगी की जाने लगी।

रामकली द्वारा ट्रेक्टर व्यवसाय से होने वाले लाभ को देखते हुये उन्होने नये ट्रेक्टर क्रय करने की योजना बनाई और पुन: स्व सहायता समूह में ट्रेक्टर खरीदने हेतु स्व सहायता समूह से 2,00,000 रुपये की मॉग की। रामकली के लेन-देन की साख को देखते हुये समूह के द्वारा स्व सहायता समूह के कोष से 2,00,000 रुपये का ऋण प्रदान किया गया। उक्त राषि से रामकली ने ट्रेक्टर को फाइनेंस सुविधा से क्रय किया। ट्रेक्टर व्यवसाय से आय प्राप्त होने पर उन्होने एक भैंस क्रय की जिससे उनके दुग्ध व्यवसाय में वृद्धि हुयी और वे वर्तमान में 7000-8000 रु. मासिक किश्त भी समूह को अदा कर रही है। रामकली के द्वारा पन्ना शहर में स्वयं दुग्ध विक्रय का कार्य किया जाता है, जिससे वे आजीविका मिशन के लखपति क्लब सम्मिलित हो गई।

आज रामकली ने समूह से जुडकर अपनी आर्थिक स्थिति के सुधार हेतु लिये संकल्प को साकार किया।

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