पति को बचाने के प्रयास में उतर गया रामबाई का मंत्री बनने का भूत… ?

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी सरकार को बचाने के प्रयास में बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाकर सत्ता पर तो काबिज हो गए लेकिन बसपा की विधायक रामबाई ने कमलनाथ सरकार को बचाने के फेर में खूब ऊटपटांग बयान देकर कमलनाथ सरकार को परेशानी में डालने में कोई कमी नहीं छोड़ी, मजे की बात यह है कि बसपा की विधायक रामबाई जो बार-बार मंत्री बनाने का कमलनाथ पर दबाव बनाने में अपनी पार्टी की सुप्रीमो मायावती के स्पष्ट निर्णय के बाद कि पार्टी सरकार में शामिल न होगी की अनदेखी कर वह मंत्री बनने का सपना पाले हुए थीं और इसी बीच उन्होंने कभी बंगले को लेकर तो कभी उन्हें मिले बंगले में एसी लगाने को लेकर खूब बयानबाजी की गई लेकिन इसी बीच चार महीने पहले देवेन्द्र चौरसिया हत्याकाण्ड के मामले में उनके पति गोविन्द सिंह के खिलाफ पीडि़त परिवार द्वारा नामजद रिपोर्ट एफआईआर लिखे जाने के बाद रामबाई के बयानों में कुछ कमी तो आई लेकिन ऐसा नहीं कि उन्होंने कमलनाथ सरकार को परेशानी में डालने वाले बयान नहीं दिये हों और इन बयानों के जरिये कमलनाथ पर अपने पति को बचाने के लिये दबाव भी बनाने के प्रयास किये गये। देवेन्द्र चौरसिया हत्याकाण्ड के मामले में हालांकि पुलिस की कार्यवाही जिस तरह से हो रही है उसको लेकर पीडि़त परिवार में असंतोष व्याप्त है। मजे की बात यह है कि देवेन्द्र चौरसिया हत्याकाण्ड में पुलिस की कार्यवाही पर प्रतिदिन आये दिन कोई न कोई सवाल खड़े हो रहे हैं एक ओर जहां गोविन्द सिंह का नाम इस हत्याकाण्ड के आरोपियों में होने के कारण उन पर दमोह एसपी द्वारा इनाम घोषित करना और अभी कुछ दिन पहले कांग्रेसी नेताओं द्वारा गोविन्द चौरसिया पर इनाम की कोई घोषणा न होने का दावा करना भी कई प्रश्न खड़े कर रहा है। तो वहीं हाल ही में इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी द्वारा देवेन्द्र चौरसिया के हत्याकांड से जुड़े गोविन्द सिंह के घर पर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज की मांग किये जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं तो वहीं देवेन्द्र चौरसिया से जुड़े लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि यदि पुलिस को गोविन्द सिंह के निवास पर लगे सीसी टीवी कैमरे के फुटेज लेने ही थे तो गोविन्द सिंह पर इनाम घोषित करने के पूर्व क्यों नहीं एकत्रित किये गये। अब घटना के चार माह बाद गोविन्द सिंह के निवास पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मांगने को लेकर पुलिस की कार्यवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं इस घटनाक्रम में मजे की बात यह है कि कमलनाथ सरकार को स्पष्ट बहुमत न मिलने की वजह से बसपा विधायक रामबाई ने कमलनाथ सरकार में मंत्री बनने को लेकर तमाम हल्ला मचा रही थीं लेकिन अब उनकी यह मांग ठंडी पड़ती नजर आ रही है क्योंकि मंत्रीपद पाने की बजाय वह अपने पति को देवेन्द्र चौरसिया हत्याकाण्ड से बचाने के प्रयास में लगी हुई हैं और इसके लिये हर तरह के हथकण्डे अपनाने में लगी हुई हैं अपने पति को बचाने के लिये वह एसआईटी गठित करने के लिये ज्ञापन भी तैयार कर रही हैं जिसके प्रयास के चलते वह विधायकों का समर्थन हासिल कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर एसआईटी से जाँच की मांग करने की तैयारी कर रहने में लगी हुई हैं, तो वहीं कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों में से एक निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल तो मंत्रीमण्डल में शामिल होकर खनिज विभाग के मुखिया का पद पाने में सफल हो गये लेकिन निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा आज भी मंत्री बनने का सपना संजोए हुए हैं और इसके लिये मुख्यमंत्री कमलनाथ से कई बार उन्हें आश्वासन भी मिलने के बाजवूद भी उन्हें मंत्री न बनाये जाने का दर्द बार-बार झलक रहा है। उन्होंने हाल ही में यह बयान दिया है कि कमलनाथ जी कन्वेंस नहीं हो रहे हैं मैं बमुश्किल हाथ जोड़कर अपने काम करवा रहा हूँ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह कमलनाथ सरकार के साथ हैं, शेरा के इस बयान से एक बार फिर राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। शेरा की इस पीढ़ा से यह संकेत मिलते ही हैं कि एक ओर जहाँ कमलनाथ सरकार को बचाये रखने के लिये समर्थन देने वाले विधायकों में से बसपा विधायक रामबाई को कमलाथ द्वारा इतनी तवज्जो दी जार ही है तो वहीं उनकी अपनी पार्टी के तमाम विधायक आज भी अपने छोटे-छोटे कामों के लिये मंत्रियों के यहां भटक रहे हैं उनकी इस पीढ़ा को समझते हुए कमलनाथ ने हालांकि अपने मंत्रियों को यह निर्देश दिये हैं कि वह विधायकों के कामों को प्राथमिकता से तवज्जो दें लेकिन बसपा विधायक रामबाई के प्रति जितना रुझान कमलनाथ का दिखाई दे रहा है उससे कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों में असंतोष तो पनप ही रहा है तो वहीं कांग्रेस के रामबाई के सहयोग की तुलना करते हुए कांग्रेस के विधायकों में भी कमलनाथ सरकार के प्रति असंतोष पनप रहा है, तो वहीं राजनैतिक हल्कों में कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों में से रामबाई की कमलनाथ सरकार के प्रति अभी तक की गई बयानबाजी के बावजूद भी कमलनाथ का उनके प्रति रवैया को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं तो वहीं समर्थन दे रहे इन विधायकों की पीढ़ा के साथ-साथ कमलनाथ की अपनी पार्टी के कांग्रेसी विधायक भी दबी जुबान से रामबाई की तुलना में उनके कामों को तवज्जो न दिये जाने को लेकर नाराज दिखाई दे रहे हैं।

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