“नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली “-नवीन कुमार अग्रवाल

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नीमच। (हिन्द न्यूज सर्विस)। अभी हाल में ही परिवहन आयुक्त द्वारा एक आदेश निकाला गया है की आरटीओ कार्यालयों के आसपास किसी भी एजेंट की गुमटी या टेबल नहीं लगेंगी स्वागत योग्य कदम ,लेकिन गुमटी या टेबल नहीं लगने से भ्रस्टाचार किस प्रकार से रुकेगा यह आदेश में भी स्पष्ट नहीं है और न ही कोई कार्ययोजना आदेश के साथ स्पष्ट की गई है जिससे प्रदेश के सबसे भ्रस्ट तम विभाग की श्रेणी में शुमार परिवहन विभाग के इस आदेश के ऊपर ऊँगली उठना स्वाभाविक है। यह सर्वविदित है की आरटीओ कार्यालयों में भ्रस्टाचार अपनी चरम सीमा पर व्याप्त है और चाहे वो ड्राइविंग लाइसेंस हो,चाहे वो नयी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हो,चाहे वो फिटनेस सर्टिफिकेट हो प्रत्येक कार्य की तीन से चार गुना राशि एजेंटो के माध्यम से आरटीओ कार्यालयों में खुलेआम ली जाती है।और जो व्यक्ति सीधे आरटीओ कार्यालय जाता है तो उसे वहां पदस्थ कर्मचारी। अधिकारी नियमो का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा देते है और मजबूरन उस व्यक्ति को एजेंटो के पास जाकर अपना कार्य बिना नियमो का पालन करे करवाना पड़ता है। परिवहन आयुक्त का यह आदेश की आरटीओ कार्यालयों के बहार एजेंट नहीं मिलेंगे लेकिन उससे क्या होगा क्योँकि यह सब जानते है की नीमच के साथ ही प्रत्येक जिले में एजंटों के कार्यालय मार्किट में खुले हुए है जहा से एजेंट अपनी कार्यप्रणाली संचालित करते है और इकठे कागजात करके आरटीओ कार्यालय में अपने नाम से जमा करवा देते है, इस प्रक्रिया पर कैसे रोक लगेगी यह समज से परे है क्योँकि उसकी कोई कार्य योजना आदेश में नहीं दी गई है।

आम आदमी पार्टी के नवीन कुमार अग्रवाल ने परिवहन विभाग के ऊपर तंज कसते हुए कहा है की झूटी वाह वाही लूटने के लिए कमलनाथ सरकार एवं परिवहन विभाग इस प्रकार के अधूरे आदेश निकाल रही है, और अपने आप को पाक साफ घोषित करना चाह रही है,अगर वास्तव में परिवहन मंत्री गोविंदसिंह राजपूत और प्रदेश के मुखिया कमलनाथ परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रस्टाचार खत्म करना चाहते है तो क्यो नहीं प्रदेश की 40 जाँच चौकियों पर प्रतिदिन होने वाली करोड़ो रुपये की अवैध वसूली पर लगाम लगाकर वहा से अवैधानिक एवं भ्रस्ट अधिकारियो को हटाकर भ्रस्टाचार की क्रूतम रूप से विख्यात जाँच चौकिया बंद करते है। क्योँकि शपथ लेने के बाद कमलनाथ ने प्रदेश में भ्रस्टाचार के ऊपर जीरो टॉलरेंस का बयान दिया था और मंत्रियो के ऊपर कारवाही की बात की थी अब जब गोविंदसिंह राजपूत परिवहन मंत्री है और इन्हे हमारे द्वारा दूरभाष पर व्यक्तिगत रूप से मंत्रीजी से इस भ्रस्टाचार पर व्यापक बातचीत कर ली गई है और फिर भी भ्रस्टाचार भाजपा शासन की तर्ज पर वर्तमान में चालू है तो क्या माननीय मुक्यमंत्री इस विभाग के मंत्री और अधिकारियो पर कोई कारवाही करेंगे? यह देखने की बात है।

अग्रवाल ने कहा की अगर वास्तव में आरटीओ कार्यालयों से भ्रस्टाचार खत्म करना है तो दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तर्ज पर डोर स्टेप डिलीवरी लागु कर आरटीओ सम्बन्धी समस्त कार्य मध्यप्रदेश में भी घर बैठे करना चाहिए ताकि सम्बंधित व्यक्ति अधिकारियो ,कर्मचारियों एवं एजेंटो के चंगुल में न फंसे और उसका कार्य बिना भ्रस्टाचार के हो सके।

अग्रवाल ने कहा की एक और 40 जाँच चौकियों पर प्रतिदिन करोड़ो रुपये की अवैध वसूली उच्च राजनेता एवं आरटीओ विभाग के अधिकारी कर्मचारी प्राइवेट गुण्डातत्वो के माध्यम से प्रदेश की सीमाओं पर खुलेआम कर रहे है दूसरी और मात्र गुमटियां हटाने के आदेश जारी करना परिवहन विभाग पर उक्त उक्ति सटीक बैठती है की “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली “।

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