निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालयों के कार्य 7 अगस्त तक पूर्ण करायें -आर्य

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। जनजातीय कार्य राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने आज मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर रेसिडेंशियल एण्ड आश्रम एजुकेशनल इंस्ट्टियूशंस सोसायटी के संचालक मंडल की 31वीं बैठक ली। आर्य ने कहा कि बुदनी (सीहोर), अलीराजपुर, बड़वानी, धार सहित खरगौन में निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय का काम 7 अगस्त तक पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिये कि ठेकेदार द्वारा करवाये जा रहे कार्यों की पूर्वानुमति विभाग से अवश्य प्राप्त करें।

राज्य मंत्री आर्य ने एकलव्य विद्यालयों के अलावा अन्य विशिष्ठ संस्थाओं जैसे कन्या शिक्षा परिसर, आदर्श आवासीय विद्यालय, जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय एवं संभाग स्तरीय आवासीय गुरुकुलम् विद्यालय तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के एकलव्य विद्यालय को शामिल करने और नये बॉयलॉज एवं नियम निर्देशों के लिये संचालक मंडल में दो-दो अशासकीय सदस्यों को भी शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला-स्तर पर बनाये जा रहे संचालक मंडल में एक पुरुष और एक महिला शिक्षाविद् को शामिल किया जाये।

राज्य मंत्री आर्य ने निर्देश दिये की शिक्षकों के संबंध में स्कूल शिक्षा के साथ अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाये। इसी प्रकार विभागीय प्राचार्यों की बैठक भी करें।

राज्य मंत्री आर्य ने निर्देश दिये कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में एलईडी टीवी और वाटर प्यूरीफायर लगाये जायें। बच्चों को समय-समय पर प्रेरणादायी महापुरुषों की डाक्यूमेंट्री दिखाई जाये। उनके अमृत-वचनों का भी प्रतिदिन प्रसारण हो। आर्य ने निर्देश दिये कि आवासीय विद्यालयों में काम करने वाले सफाई-कर्मी, खानसामा और सुरक्षा-कर्मी को मानदेय समय पर मिले।

आर्य ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य के लिये अतिथि शिक्षकों का मानदेय 220 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति काल-खंड किया जाये। बालिकाओं को 200 रुपये और बालकों को 150 रुपये की राशि प्रसाधन सामग्री के लिये निर्धारित की जाये। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के निर्धारित पाठ्यक्रम में उपयोगी पुस्तकों की सूची उन्हें उपलब्ध करवाई जाये। साथ ही, बच्चों का अभिरूचि प्रशिक्षण भी जरूर करवायें।

राज्य मंत्री आर्य ने परिसर में बागवानी को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाये। साथ ही, बागवानी और उद्यानिकी को बढ़ावा दें, ताकि विद्यार्थियों को ताजे फल-सब्जियाँ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि एक निर्धारित प्रारूप में हर जगह की जरूरत का आकलन किया जाये। बैठक में आयुक्त दीपाली रस्तोगी सहित संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित थे।

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