दो माह से फरार चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट के सरगना को साइबर सेल ने धरदबोचा

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भोपाल पुलिस की साइबर सेल ने आखिरकार पिछले दो महीने से फरार चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट के सरगना सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी को धरदबोचा। आरोपी पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लड़कियों का सौदा वेबसाइट से करता था और उसका पेमेंट पेटीएम के जरिए कस्टमर्स से लेता था।

सायबर क्राइम एआईजी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि करीब दो माह पूर्व अपनी एक बड़ी कार्रवाई के दौरान सायबर पुलिस ने ई-7 अरेरा कॉलोनी एवं भरत नगर स्थित फ्लैट पर छापा मारकर अश्लील वेबसाइट चलाकर देह व्यापार करवाने वाले एक गिरोह के 9 सदस्य को पकड़ा था। गिरोह के सदस्य ‘भोपाल कॉल गर्ल नामक वेबसाइट के जरिए इस धंधे का अंजाम दे रहे थे।

एआईजी चौहान का कहना है कि इस गिरोह का मुख्य सरगना सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी उम्र 24 वर्ष निवासी ई-7 26/27 राधा अपार्टमेंट अशोका सोसायटी अशोका गार्डन, उस समय से फरार चल रहा था। वीर द्विवेदी को पकडऩे के लिए पांच हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया था।

सायबर पुलिस के मुताबिक, दो महीने पहले सामने आए सेक्स रैकेट के मामले में गिरोह का मुख्य सरगना सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार था। उसे पकडऩे में साइबर क्राइम ब्रांच के अलावा मंगलवारा थाने की भी अहम भूमिका रही। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली में अश्लील वेबसाइट बनाई थी। बाद में फोन पर हुई बात के आधार पर ग्राहकों को लड़कियां सप्लाई की जाती थीं। इस काम के लिए पेयमेंट का भुगतान ऑनलाइन या फिर पेटीएम के माध्यम से किया जाता था।

मूल तौर पर रीवा का रहने वाले रैकेट सरगना सुभाष ने वेबसाइट चलाने के लिए सभी सदस्यों को अलग-अलग कामों में लगाया था। जांच में पता लगा कि आरोपी सुभाष 5 साल पहले नौकरी की तलाश में भोपाल आया। उसने भोपाल की कई बड़ी होटलों में काम किया। साथ ही कई होटलों में मैनेजर भी रहा। होटल मैनेजर रहते हुए वह कपल्स को कमरे भी दिलाने लगा। फिर कुछ समय कॉल गल्र्स सप्लाई करने की लाइन में आ गया।

आरोपी जॉब का लालच देकर मेघालय और महाराष्ट्र की कई लड़कियों को सेक्स रैकेट में धकेल देता था। वह लड़कियों को जॉब दिलाने के बहाने भोपाल बुलाता और उन्हें एक कमरे में रोक लेता था। फिर उनकी आईडी भी अपने पास रखता था। ये लोग जॉब से जुड़ीं विभिन्न साइटों पर अपना बायोडेटा अपलोड करने वालीं लड़कियों से संपर्क करते थे। उस वक्त पुलिस ने छापा मारकर 4 लड़कियों को भी बचाया था।

इस ऑनलाइन सेक्स रैकेट का करीब दो महीने खुलासा हुआ था। मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़ा था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा का तत्कालीन मीडिया प्रभारी नीरज शाक्य भी शामिल था। मामले के सामने आने पर पार्टी ने उसे निष्कासित कर दिया था।

पकड़े गए आरोपियों में सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी के अलावा दिनेश उर्फ डेविड, सुरेश गहलोत उर्फ शैलेंद्र, रवि प्रजापति, हरजीत धनवानी, मनोज कुमार गुप्ता, कृष्णकुमार जायसवाल, सुरेश बेलानी, मिसवा उद्दीन और नीरज शाक्य शामिल हैं। नीरज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी है। कार्रवाई के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उसे पार्टी से निकाल दिया।

एआईजी चौहान का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। पूछताछ में अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।

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