दो करोड़ में विभाग प्रमुख की पदस्थापना चर्चाओं में

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। पिछले कुछ दिनों से शिवराज मंत्रीमण्डल के एक मंत्री के चार इमली स्थित बंगले पर मंत्री पीए और हाल ही में दो करोड़ रुपये देकर एक विभाग प्रमुख का पद हासिल करने वाले अधिकारी के बीच विभाग में हुए ट्रांसफरों को लेकर जो बवाल मचा जिसके चलते मंत्री के स्टाफ में ही लेनदेन को लेकर विवाद खड़ा हो गया, विवाद इतना बड़ा कि चार इमली स्थित मंत्री बंगल से लेकर श्यामला हिल्स मुख्यमंत्री के बंगले तक पहुंचा और आखिरकार मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री को सलाह दी कि सारा स्टाफ बदल डालो और इसी के चलते मंत्री ने अपने पूरे स्टाफ की वापसी की नोटशीट सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दी लेकिन इसी बीच चर्चा मो यह भी है कि क्या मंत्री अपने चहेते कमाऊपूत पीए के भरोसे काम चला पाएंगी जिसके कारनामे के चलते हाल ही में उनके अधीनस्थ एक विभाग प्रमुख की स्थापना दो करोड़ रुपये की चढ़ोतरी चढ़ाकर हुई, ऐसी चर्चा मंत्री के बंगल से लेकर पूरे विभाग में अधिकारी व कर्मचारी चटकारे लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं तो वहीं उसी विभाग में हाल ही में हुए स्थानान्तरण को लेकर जो भजकलदारम् का दौर चला उससे तो यही जाहिर होता है कि विभाग प्रमुख ने मंत्री के पीए को जो दो करोड़ रुपए लेकर विभाग प्रमुख का पद प्राप्त किया शायद उसकी वसूली इन्हीं स्थानान्तरणों से वसूली का श्रीगणेश शुरू किया लेकिन भजकलदारम् की इस अफरा तफरी के चलते इतना रायता फैल गया कि उसकी चर्चाएं आम हो गई, हालांकि इस तरह के मंत्री के पीए और विभाग प्रमुख के सांठगांठ के कारनामे उजागर होने के बाद जहां मंत्री के अन्य स्टाफ द्वारा अपनी वापसी के लिये हंगामा खड़ा किया गया और इसकी भनक जब मुख्यमंत्री को लगी तो सूत्र ऐसा बताते हैं कि उन्होंने भी अपने मंत्री को पूरा स्टाफ बदलने की सलाह दे डाली। खैर, मामला जो भी हो लेकिन यह चर्चा जोरों पर है कि पिछले कई वर्षों से उक्त मंत्री के चहेते पीए ने कई ऐसे कारनामों को अंजाम दिया और इस दौरान भजकलदारम् का दौर भी खूब चला लेकिन पीए मंत्री के इतने चहेते हैं कि वह उनके बिना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकतीं क्योंकि लेनदेन और उसका हिसाब किताब का सारा लेखाजोखा मंत्री के इस चहेते पीए के पास ही है। यही नहीं चर्चा तो यह भी है कि पीए ने इस भजकलदारम् की बदौलत कई फार्म हाउस और कई एकड़ जमीन राजधानी के आसपास खरीद रखी हैं तो मंत्री की सम्पत्ति में इजाफा पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हाल ही में घटी इस घटना के बाद मंत्री स्टाफ में रहे अधिकारी और मंत्री से जुड़े विभागों के कई अधिकारियों द्वार दबी जुबान से पूरी उक्त पीए के कार्यकाल के दौरान हुए कारनामों की मुख्यमंत्री से किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग करते नजर आ रहे हैं। इन पीडि़त लोगों का यह भी दावा है कि यदि मुख्यमंत्री मंत्री और उनके पीए की सांठगांठ के दस्तावेजों की यदि ठीक से जांच करा लें तो कई खुलासे सामने आएंगे और यह बात भी उजागर होगी कि हाल ही में एक विभाग प्रमुख का पद हासिल करने के लिये उक्त अधिकारी द्वारा कितनी राशि मंत्री और उनके पीए को पहुंचाई गई। हालांकि हाल ही में भारी भरकम स्थानान्तरण को लेकर जो भजकलदारम् का खेल चला उससे पूरा खेल बिगड़ गया और भ्रष्टाचार की मंत्री पीए और विभाग प्रमुख के इस रैकेट का खुलासा हो गया जिसके चलते विभाग में एक लंबे समय से भजकलदारम् के दौर के चलते जिस प्रकार की धांधली ओर घोटालों का दौर जारी था, देखना अब यह है कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा न जाने की चेतावनी देने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रीमण्डल के उक्त मंत्री और उसके पीए के साथ-साथ विभाग प्रमुख के कारनामों की जांच किस एजेंसी से कराते हैं कि नहीं या फिर जिस तरह से शिवराज सरकार की कार्यप्रणाली उनके शासनकाल में चल रही है उसी के चलते कुछ दिनों बाद यह मामला भी रफा-दफा कर दिया जाएगा। इस सबको लेकर विभाग के लोगों की निगाहें लगी हुई हैं और वह मुख्यमंत्री के उचित निर्णय की प्रतीक्षा में आस लगाए बैठे हैं।

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