दलित क्षेत्रों में बदलेगा आंकड़ों का गणित, कांग्रेस की बढ़ेंगी सीटें

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०-गणेश पाण्डे
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। २०१३ के विधानसभा चुनाव परिणाम की तुलना में कांग्रेस को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर अधिक सीटें मिलने के संकेत मिल रहे हैं। एक दर्जन से अधिक सीटें ऐसी जहां उलटफेर के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं। एट्रोसिटी मूवमेंट के बाद भी एससी वर्ग का वोट बैंक भाजपा के खाते में शिफ्ट नहीं हो सका। कांग्रेस के दलित नेता एवं सोनकच्छ से चुनाव लड़ रहे सज्जन सिंह वर्मा कहते हैं कि डेढ़ दशक बाद एससी वोट एक बार फिर कांग्रेस की ओर लौटता दिखाई दे रहा है। पिछले चुनाव में प्रदेश में अनुसूचित जाति के लिए ३५ आरक्षित सीटें हैं। इनमें से भाजपा ने दलित वर्ग के ३६ प्रतिशत वोट हासिल कर २६ सीटें हासिल की थीं। जबकि कांग्रेस को चार और बसपा को तीन सीटें ही मिल पाई थी। वोटों के रुझान को देखते हुए राजनीतिक पे्रक्षेकों का मानते हैं कि इस सीटों में अदला-बदली हो सकती है। बसपा का वोट प्रतिशत ६.२९ से बढ़कर दो अंक तक पहुंचने के आसार हैं। प्रेक्षकों का मानना यह वोट बैंक भाजपा से बसपा में शिफ्ट हो रहा है। क्यों नाराज हैं सरकार से दलित- एट्रोसिटी एक्ट को लेकर सरकार का स्टेंड स्पष्ट नहीं, उज्जवला योजना के तहत एक मर्तबा सिलेंडर मिला उसके बाद महंगे दाम पर खरीदने के लिए राशि नहीं, दलित अत्याचार के अंतर्गत मिलने वाली मुआवजा राशि का भुगतान नहीं, सुअर पालने की योजना का लाभ नहीं मिला और ठेकेदारी में ३० प्रतिशत आरक्षण देने के कांग्रेस वचन पर जताया भरोसा।
०-पीपुल्स समाचार से साभार)
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