दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने बचेली इलाके में आईईडी से बस को उड़ाया

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रायपुर।(हिन्द न्यूज सर्विस)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण से चार दिन पहले आज गुरुवार को दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने एक बस को आइईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से ब्लास्ट कर उड़ा दिया। इस हमले में जहां चार लोगों की मौत हो गई, वहीं सीआइएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। हमले में दो जवान घायल भी हो गए हैं। छत्तीसगढ़ में पंद्रह दिनों के भीतर यह तीसरा नक्सली हमला है।

दंतेवाड़ा में नक्सलियों की ओर से किए गए इस हमले से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि दंतेवाड़ा से करीब 100 किलोमीटर दूर जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को सभा प्रस्तावित है।

जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने यहां बचेली में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। नक्सलियों ने एक मिनी बस को आईईडी ब्लास्ट के जरिए उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि इस बस में सीआईएसएफ के 7 जवान मौजूद थे। बस्तर के आईजी वी सिन्हा ने हमले के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, ‘आज हुए हमले में एक सीआईएसएफ जवान और चार नागरिकों ने जान गंवाई है। दो लोग जख्मी हुए हैं। ऐसे हमलों से सुरक्षाबलों के हौसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आने वाले विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराए जाएंगे।’

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि गुरुवार को कुछ जवान सब्जी लेने बचेली बाजार गए थे। आकाशनगर कैंप वापसी के दौरान पहाड़ी के छठे नंबर के मोड़ पर नक्सलियों ने बस को निशाना बनाते हुए आइइडी विस्फोट कर दिया। इससे सीआइएसफ के जवान डी. मुखोपाध्याय शहीद हो गए, जबकि बस चालक रमेश पाटकर, सुशील बंजारे, हेल्पर रोशन कुमार साहू व जोहान की मौके पर ही मौत हो गई।

कांस्टेबल सतीश पठारे व के. सुरेश विशाल घायल हो गए। इन्हें बचेली अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से रायपुर भेज दिया गया। इसके साथ ही इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। विधानसभा चुनाव ड्यूटी के लिए सीआइएसफ की बटालियन-502 कोलकाता से दंतेवाड़ा पहुंची है। इस बटालियन की तैनाती आकाश नगर में की गई है।

आपको बता दें कि 12 नवंबर को छत्तीसगढ़ में 18 सीटों पर मतदान होना है, ये सभी वही सीटें हैं जहां पर नक्सलियों का प्रभाव रहता है। यही कारण है कि इन इलाकों में सुरक्षा को काफी पुख्ता किया गया है। इसके बावजूद नक्सली अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं।

नक्सली हमेशा से ही लोकतांत्रिक चुनावों का विरोध करते हैं और अब यही कारण है कि वह लोगों को वोट डालने से रोकने के लिए इस प्रकार का हथकंडा अपना रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग 12 नवंबर को होनी है। पहले चरण के तहत, नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के दो सदस्यों और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला के भाग्य का फैसला होगा।

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