टिकिट बंटवारे में दिग्विजय सिंह का पलड़ा भारी

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०-हेमंत पाल
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। कांग्रेस के टिकट वितरण में किस नेता का पलड़ा भारी रहेगा, इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन, जानकारी मुताबिक दिल्ली में चल रही बैठकों में मालवा, निमाड़ की अधिकांश सीटों पर इस बार भी दिग्विजय सिंह की पसंद, नापसंद हावी होती दिखाई दे रही है। यदि टिकट वितरण में उनका सिक्का चला तो इंदौर की नौ विधानसभाओं में से छ: पर दिग्विजय सिंह की पसंद के उम्मीदवार ही नजर आएंगे। पंद्रह साल तक मध्यप्रदेश की राजनीति से बाहर रहने वाले दिग्विजय सिंह ने ‘नर्मदा-परिक्रमाÓ के बाद न केवल प्रदेश की सक्रिय राजनीति में वापसी की, बल्कि पार्टी को एक सू9 बांधने के लिए प्रदेशभर का दौरा भी किया। उनका ‘संगत में पंगतÓ फार्मूला काफी हद तक सफल भी हुआ। समन्वय समिति के मुखिया के रूप में उन्होंने पार्टी को एक सूत्र की जो कोशिशें की, वो सही दिशा में उठायाग या कदम माना जा रहा है। इधर, विधानसभा के टिकिट वितरण में भी उनका पलड़ा भारी नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस में फिलहाल दिग्विजय सिंह अकेले ऐसे नेता हैं, जो पूरे प्रदेश की विधानसभा सीटों के समीकरण जानते हैं। पहले कहा जा रहा था, कि टिकट वितरण में दिग्विजय सिंह सिंह को दूर रखा जाएगा। लेकिन ये संभव नहीं था। अब अधिकांश सीटों पर उनके दखल से ही नाम तय हो रहे हैं। इन्दोर की भी सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में उनके द्वारा तय किए गए सिंगल नाम ही रह गए। जानकारी के मुताबिक सांवेर से तुलसी सिलावट, राऊ से जीतू पटवारी और महू से अंतरसिंह दरबार अब दौड़ में अकेले रह गए हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्र की विधानसभा क्रमांक एक, दो और पांच में भी अब एक-एक नाम ही टिकिट की दौड़ में है। जबकि, विधानसभा तीन, चार एवं देपालपुर में भी वैसे तो सिंगल नाम बचे हैं लेकिन अंतिमसमय में फेरबदल के आसार हैं। इसी तरह खरगोन, धार और खंडवा जिले में भी छंटनी का काम शुरू हो गया है। जानकारों का कहना है कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को मालवा-निमाड़ की सभी सीटों पर पकड़ नहीं है। सिंधिया का मालवा में जरूर जोर है, पर सभी सीटों पर नहीं। कमलनाथ की खुद की जानकारी मालवा-निमाड़ में नहीं है। वे अपने खास लोगों के नजरएि से ही काम करते हैं। जबकि, दिग्विजय सिंह पूरे प्रदेश की हर सीट से वाकिफ हैं और हर जगह की तासीर भी उनको पता है। दिग्विजय सिंह की यही राजनीतिक पकड़ उन्हें टिकट वितरण में मददगारब ना रही है। कमलनाथ की पहुंच बैतूल, छिंदवाड़ा और भोपाल सहित कुछ जिलों में है, तो सिंधिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, मुरैना और ग्वालियर की सीटों को अच्छी तरह से समझते हैं। यही कारण है कि मालवा, निमाड़ में दिग्विजय सिंह का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
०-दैनिक सुबह सवेरे से साभार)
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