छोटा पोस्टर बड़ा धमाका उर्फ कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष…

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०-ब्रजेश राजपूत
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। अचानक सुबह आठ बजे दफ्तर से फोन आया। यार आपके भोपाल से कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिये किसी नेता के नाम की लाबिंग की जा रही है। कुछ खबर है आपको। हमने भी सुबह की खुमारी में ही जवाब दिया कि अब पद खाली हो और कांगे्रेस जैसी लोकतांत्रिक पार्टी हो तो हमारे भोपाल के हॉकी खिलाड़ी और कांग्रेस के कई बार अंदर बाहर हो चुके असलम शेर खाँ से लेकर हमारे वार्ड का सक्रिय पार्षद गुड्डू चौहान तक कांग्रेस अध्यक्ष बनने के सपने देख सकता है। हां, चला रहे होंगे नाम भोपाल में कांग्रेस के बहुत सारे काबिल नेता हैं मगार हुआ क्या है पहले ये तो बताओ। भाई खबर ये आ रही है कि कांग्रेस के किसी नेता को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिये पोस्टर वगैरह लग गये हैं आपके शहर के कांग्रेस दफ्तर के सामने। उधर हम भी इस खबर में बहुत उत्सुकता नहीं दिखा रहे थे जवाब में हमने कहा कि हां कांग्रेस दफ्तर के बाहर एक बड़ा सा पेड़ है उस पर बहुत सारे पोस्टर वगैरह लोग टांग जाते हैं या वहां जगह ना मिले तो दफ्तर की जालियों में पोस्टर फंसा जाते हैं होगा उनमें किसी न नेता के नाम का पोस्टर टांग दिया होगा। बहुत गंभीर मामला नहीं है बाकी मैं देखता हूं। क्या और किसका पोस्टर है। ये सारी बातें कहकर मैंने बहुत सुबह के दफ्तरी फरमान से पीछा छुड़ाया। मगर फिर थोड़ी देर बाद ही फिर फोन आया कि यार कुछ पता चला कि किसका पोस्टर है और क्या कहा है। अब अपनी समझ में आ गया था कि अब खैर नहीं इस मामले को जल्दी ही निपटाना पड़ेगा। थोड़ी देर बाद ही अपनी यूनिट तैयार कर जब कांगे्रस दफ्तर पर पहुंचे तो वहां नजारा ही दूसरा था। खोदा पहाड़ निकली चुहिया की कहावत का अहसास हो रहा था। कांग्रेस दफ्तर की लोहे की रेलिंग पर एक छोटा सा दो फुट बाय तीन फुट का छोटा सा पोस्टर लटका हुआ था। जिसमें राहुल गांधी से अपील की गयी थी कि हमारे देश के गौरव एवं मप्र के वरिष्ठ नेता श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को उनके कार्यशैली के अनुरूप राष्ट्रीय नेतृत्व देने की अपील समस्त कार्यकर्ता मप्र कांग्रेस कमेटी। हम भी देख कर हैरान थे कि इस छोटे से पोस्टर ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक हल्ला मचाया हुआ है। क्योंकि उस पोस्टर के सामने क्षेत्रीय चेनलों के कुछ संवाददाता बंधु भांगिनी लगातार वाक थू्र कर रहे थे और देश और मध्यप्रदेश की राजनीति में उस छोटे से पोस्टर का बड़ा महत्व समझा रहे थे। समझ में आ गया कि इस पोस्टर को लगाने वाले ने अपना नाम भले ही नहीं लिया हो मगर वो अपने मकसद में कामयाब हो गया था। वे नन्हा पोस्टर आज की चैनलों की सनसनी थी आज दिन भर यही पोस्टर लोकल क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चैनलों की सुर्खियों और हेडलाइंस में चलाना था। वजह थी इसकी टाइमिंग जो इतनी जबरदस्त थी कि राहुल के इस्तीफे के बाद कौन बनेगा कांग्रेस का अध्यक्ष का खुमार गर्माया हुंआ है किसी नेता ने स्वंय आगे आकर अध्यक्ष बनने की मंशा नहीं जतायी है ऐसे माहौल में सिंधिया के नाम का ये पोस्टर आग में घी का काम कर गया है। हालांकि पोस्टर को देखकर वे दुख भी हो रहा था कि इस चिंदी से पोस्टर के पीछे कितनी रिपोर्टिंग की प्रतिभाएं परेशान हो रही हैं। मगर यही आज की टेलीविजन पत्रकारिता है। उसी वक्त कांग्रेस दफ्तर के पोच्र में दफ्तर इंचार्ज वरिष्ठ नेता चंद्रप्रभाष शेखर की गाड़ी रुकती है। कुछ रिपोर्टर उनके पास पहुंचते हैं मगर ये क्या कांग्रेस दफ्तर के बाहर ऐसे पोस्टरों की भीड़ का हमेशा विरोध करने वाले शेखर इस पोस्टर के पास आकर इसे देखकर नाराजगी जताने की जगह प्रसन्न होकर कहते हैं कि ये कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दफ्तर है और फिर सबको अपनी बात यहाँ रखने की आजादी है और सिंधिया जी तो हमारे बड़े नेता हैं उनके पोस्टर लगाना कोई अनुशासनहीनता नहीं है। और सुबह का ये पोस्टर दोपहर होते-होते बड़ी खबर बन गया था। विधानसभा में टीवी रिपेार्अर पर बड़े कांग्रेस के नेता, विधायक और मंत्री से इस पोस्टर के बारे में पूछ रहे थे कैमरे के सामने भला किसी को क्यों आपत्ति हो सकती थी सिंधिया को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने में। बस फिर क्या था रात होते होते क्षेत्रीय चैनलों में इस छोटे से पोस्टर पर बड़ी गर्मागर्म बहस हो रही थी ऐसा लग रहा था कि पूरे मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग उठ रही हो और इस पोस्टर के साथ ही कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष की खोज पूरी हो गयी हो। तो ये था छोटेपोस्टर की बड़ी ताकत… मगर हाँ आप इसे न्यूज का दीवालियापन नहीं कहिये…।
०- लेखक एबीपी न्यूज के विशेष संवाददाता हैं, (सुबह सवेरे के कालम ”ग्राउंड रिपोर्ट” से साभार)
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