छत्तीसगढ़ लोकसभा की सभी सीटें कांग्रेसी की झोली में

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत दिलाकर पार्टी को संजीवनी देने वाले छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि लोकसभा चुनाव में सभी पड़ोसी राज्यों में उनको प्रचार के लिए पार्टी भेज रही है। मध्यप्रदेश में भी उनके अनेक दौरे हो चुके हैं प्रदेश की राजधानी भोपाल के कांग्रेसी प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के पक्ष में भी भूपेश बघेल ने कई सभाएं तक की हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं, हिंदुत्व की प्रयोगशाला भोपाल और छत्तीसगढ़ के विकास के रोडमेप पर भोपाल से प्रकाशित एक दैनिक के सम्पादक ने उनसे विस्तार से चर्चा की यहां प्रस्तुत है उसके कुछ अंश :
सवाल – क्या छत्तीसगढ़ में कांग्र्रेस विधानसभा चुनावों की सफलता दोहरा पाएगी?
जवाब – छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लोकसभा की सभी सीटें जीतेगी। विधानसभा में जो नाराजगी थी वह राज्य शासन के साथ ही जीएसटी और नोटबंदी को लेकर भी थी। इसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानी हुई है और कई लोगों का तो व्यापार ही चौपट हो गया है। राज्य के लोगों में केन्द्र सरकार और नरेन्द्र मोदी को लेकर भारी नाराजगी है। इसके अलावा तीन माह में राज्य सरकार ने जो काम किए हैं उसका भी फायदा कांग्रेस को मिलेगा। इस लोकसभा चुनाव के बाद देश की तस्वीर वर्ष २०१४ की तुलना में अलग होगी।
सवाल – प्रज्ञा ठाकुर को उतारने के पीछे भाजपा की क्या मंशा दिखाई दे रही है?
जवाब – भाजपा ने यह उसी तरह का प्रयोग किया है जैसा कि दिल्ली में किरण बेदी को उतार कर किया था। उसका नतीजा सामने है और यहां भी प्रयोग पूरी तरह विफल होगा।
सवाल – भाजपा का कहना है कि उनको गलत आरोपी बनाया गया है। यह जेल में उन पर हुए अत्याचारों पर वोट मांग रही है । अगर गलत आरोप है इसका मतलब किसी जांच अधिकारी ने जानबूझ कर उनको फंसाया है। तो फिर उसके खिलाफ कार्रवाही क्यों नहीं की गई। केन्द्र और राज्य में उन्हीं की सरकार थी इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई। केन्द्र और राज्य में उन्हीं की सरकार थी इस पर कार्यवाही करनी चाहिए थी। इस कांड की छत्तीसगढ़ के जग्गी हत्याकांड की तरह देखा माना चाहिए। उनकी सरकार ने मामले में गलत पाया गया और जांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और एक जेल में है। भाजपा ने उस तरह की कार्यवाही प्रज्ञा के मामले में क्यों नहीं की। इससे स्पष्ट है कि प्रज्ञा के मामले में कुछ भी गलत नहीं हुआ है।
सवाल – क्या भाजपा प्रज्ञा ठाकुर को जिता कर भगवा आतंकवाद की धारणा को ही खत्म करना चाहती है?
जवाब – भगवा आतंकवाद का शब्द कांग्रेस का दिया हुआ नहीं है। यह शब्द उस व्यक्ति ने दिया है जो उस समय गृह विभाग के सचिव थे और अब भाजपा सरकार में मंत्री पद संभाल रहे है। इस तरह से भाजपा के द्वारा ही दिया गया शब्द है। यदि इसमें कुछ गलत है तो वह उन्हीं के द्वारा ही किया गया है।
सवाल – ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि लंबे समय तक भाजपा की सरकार रहने से अधिकारियों का भगवाकरण हो गया है। यह कहाँ तक सही है?
जवाब – यह बात बिल्कुल सही है और राज्य में इस तरह की समस्या सामने आ रही है। लंबे शासन में अधिकारियों का झुकाव भाजपा सरकार की ओर हो गया है। इससे निपटने के लिए जो भी आवश्यक कदम है उनको उठाया जा रहा है।
सवाल – कांग्रेस भोपाल में क्यों विकास की बात छोड़ भाजपा के एजेंडे पर चल रही है?
जवाब – ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारा अपना विकास का मॉडल है, जिसको लेकर कांग्रेस जनता के बीच जा रही है। दिग्विजय सिंह ने पहले ही अपना विकास का विजन भोपाल मे सामने रखा है। दूसरी ओर रही धार्मिक आयोजनों की बात तो वे बहुत ही धार्मिक व्यक्ति हंै। भाजपा जनता में भ्रम फैलाकर छवि को धूमिल करना चाहती है।
सवाल – छत्तीसगढ़ में कर्जमाफी का क्या मॉडल होगा? क्या सार्वजनिक बैंकों को भी कर्जमाफी का कुछ हिस्सा वहन करना होगा, जैसा कि मप्र में किया गया है?
जवाब – अभी तो सरकार ने बजट में प्रावधान कर कर्जमाफी की शुरुआत कर दी है। आचार संहिता लग जाने की वजह से काम पूरा नहीं हो पाया है। इसके खत्म होते ही इस पर काम तेजी से शुरू हो जाएगा। सार्वजनिक बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन सहकारी बैंकों की तुलना में प्रति एकड़ ज्यादा होता है। राज्य सरकार उनसे बात करेगी की केसीस लोन की सीमा जो सहकारी बैंकों में है, उतने का भुगतान राज्य सरकार करेगी और शेष बैंकों को माफ करनी होगी। इसमें भी केवल फसल कर्ज को ही शामिल किया जायेगा।
सवाल – क्या राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केन्द्र सरकार की ओर से कोई असहयोग हो रहा है?
जवाब – हर स्तर पर असहयोग किया जा रहा है। खरीदे गए चावल को उठाने का रेक पहले सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ को मिलता था अब उसे घटाकर करीब ४०-४२ कर दिया है। अब रैक की उपलब्धता भी नहीं हो रही है। यह राष्ट्रीय क्षति है। बदले में पूरी तरह अंधे हो जाते हैं, उनको दिखाई नहीं दे रहा है कि उनकी इन हरकतों से राष्ट्र और गरीब किसानों को कितना नुकसान हो रहा है। अभी तक शौचालय निर्माण और मनरेगा की राशि भी नहीं दी गई है।
सवाल – छत्तीसगढ़ में जंगल नष्ट होने की वजह से कई गांवों में हाथियों द्वारा फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी है। इससे निपटने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब – फसलों के नुकसान का मुआवजा बढ़ा रहे हैं, जिससे लोगों के नुकसान की भरपाई हो पाए। इससे गांव वाले हाथियों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और ये चुपचाप अपने रास्ते चलते जाएंगे। इसके अलावा जंगल में उनके रास्तों को सुरक्षित करना होगा, जिससे वे गांवों की ओर रख्ुा ही न करें। इस पर काम किया जा रहा है।
सवाल – बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है जिस पर केन्द्र सरकार को घेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इससे निपटने के लिए क्या योजना बनाई है?
जवाब – यह मुद्दा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसके लिए हमारा विशेष ध्यान कृषि उपज और लघु वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर है। ऐसा करने से स्थानीय लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होने और राज्य के आतंरिक संसाधन का मूल्यवर्धन होगा। इसका सीधा लाभ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी होगा।
सवाल – छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक बड़ी समस्या है, उससे निपटने के लिए आपका रोडमैप क्या है?
जवाब – नक्सलवाद की समस्या का खात्मा तभी हो सकता है जब हम उनका विश्वास जीत सकें। भाजपा के शासन काल में यह चार जिलों से बढ़कर चौदह जिलों तक पहुंच गया है। इससे स्पश्ट है कि उन्होंने इस ओर जो भी काम किए वो गलत थे। हमारा प्रयास उनको यह विश्वास दिलाने का है कि सरकार उनके शोषण के लिए न होकर उनके विकास के लिए है। विकास भी वैसा जैसा उनको पंसद है। समस्या की मूल जड़ ही यह है कि हम उन पर पश्चिमी विकास मॉडल को थोपना चाहते हैं। राज्य राज्य ने टाटा समूह की जमीन को वापस लेकर आदिवािसयों को वापस की है। इसी तरह वनाधिकार पट्टी के वितरण और तेंदू पत्ता पर बेहतर मूल्य देने से उनका विश्वास सरकार में बढ़ा है। जिला खनिज प्रतिष्ठानों (डीएमएफ) की राशि को उनकी आवश्यकताओकं को ध्यान में रखकर खर्च किया जाएगा। अभी तक इसका बहुत ही दुरुपयोग हो रहा था।

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