कृषि मंत्री का स्टाफ लगा दोहरी कमाई के फेर में ?

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। कमलनाथ सरकार के सत्ता के आते ही विधानसभा के दौरान जो नारा कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए राज्य के लोकतंत्र के एक दिन के राजा (मतदाताओं) को भ्रम में डाल उसे प्रभावित करने के उझला था “वक्त है बदलाव का ” इस नारे के अनुसार भले ही मतदाताओं को अपने वक्त में बदलाव का असर भले ही नहीं दिखाई दे रहा हो मगर वक्त है बदलाव का स्पष्ट असर कमलनाथ मंत्रिमंडल के सदस्यों और आपके यहां जोड तोड कर पदस्थापना पाने बाले अधिकारियों और कर्मचारियों में साफतैर से दिखाई दे रहा है। चहा एक ओर मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रियों और इनके नाते रिश्तेदारों ने स्थानांतरण कारोबार को अपना कर उसके जरिए कमाई का अपना रखा है,तो इस सब का लाभ उठाकर मंत्रियों के यहां तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी अपनी कमाई के अजीब तरीकों को अपना कर जमकर कमाई दौर जारी है। यूं तो इस तरह का माहौल प्रदेश के अधिकांश मंत्रियों के यहां बना हुआ है। मगर कमलनाथ मंत्रिमंडल के सदस्य कृषि मंत्री संचिन यादव के यहां जो कुछ चल रहा है उसे देख सुन हर कोई यह कहते नजर आता है कि वाह क्या गजब है कांग्रेस नारे वक्त है बदलाव का इस बदलाव कहें या कमाई के अजब गजब तरिका जिसके चलते कृषि मंत्री के स्टाफ में पदस्थ ओ एस डी श्रीमती सुमन प्रसाद जिन पर कृषि मंत्री की मेहरबानी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं लोग चटखारे लेकर करते नजर आ रहे हैं? श्रीमती सुमन जो कृषि मंत्री के स्टाफ में पदस्थ तो है ही वही अपने मूल्य विभाग कृषि विभाग में उनके पास स्थापना शाखा का प्रभार भी है। इस तरह से श्रीमती सुमन ने दोहरी कमाई का गोरखधंधा कृषिमंत्री की मेहरबानी के चलते बना रखा है एक ओर जहां वह कृषि मंत्री के यहां से स्थानांतरण की फाईल कृषि विभाग को भिजवाती हैं ? तो उसी अपने ही द्वारा भेजी गई फाइलों पर कृषि विभाग में उप संचालक स्थापना कृषि विभाग के पद रहते उन्हीं स्थानांतरणों की फाइलों पर आदेश जारी कर दोहरी कमाई करने के मंत्री की कृपा से इस दोहरी कमाई के तरीकों को लेकर विभाग में तरह तरह की चर्चाएं जारी है। वैसे कमलनाथ के मंत्रिमंडल के सदस्यों की कार्यशैली और उनके यहां सक्रिय उनकी धर्मपत्निओं और भाई बन्धुओं, दमादों, बेटों और नाते रिश्तेदारों को देकर जो माहौल बना हुआ है जिसकी बजह कमलनाथ की छबि को बट्टा लगाने काम उनके मंत्रिमंडल के सदस्य लगे हुए हैं। कृषिमंत्री के चल रही गजब की इस तरह की कार्यशैली को लेकर तरह -तरह के सबाल खड़े हो रहे हैं।

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