किसानों के हित में दाल की कीमत गिरने नहीं दी जायेगी- मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां मंत्रालय में कृषि विभाग की भविष्य की कार्य-योजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्याज खरीदी की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों से प्याज आठ रुपये प्रति किलो खरीदा जाएगा और पीडीएस की दुकानों में गरीब उपभोक्ताओं के लिये दो रूपये प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध होगा। उपभोक्ताओं के लिये खरीदी की सीमा भी तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एक सार्वजनिक वितरण दुकान में करीब चार सौ उपभोक्ता कवर होते हैं।

तुअर खरीदने के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में तुअर की उपलब्धता का आकलन करें। तुअर, मूंग और उड़द की खरीदी एक ही केंद्र से की जाएगी। अभी तक 80 खरीदी केंद्र बनाये जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि अनुमान के अनुसार 30 जून तक एक से डेढ लाख मीट्रिक टन तुअर खरीदी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दाल का आयात नहीं होगा। इससे घरेलू बाजार में दाल की कीमत गिर जाएगी और किसानों को दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर दाल की कीमत गिरने नहीं दी जाएगी ताकि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिल सके। दाल में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी जायेगी।

चौहान ने मूल्य स्थिरीकरण कोष तत्काल प्रभाव से स्थापित करने निर्देश दिये। उन्होने कृषि लागत एवं विपणन आयोग का संगठनात्मक ढांचा तैयार कर उसमें अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां करने के भी निर्देश दिये।

चौहान ने कहा कि खरीफ की फसलों के लिये खरीद केन्द्रों का चयन और स्थान निर्धारण पहले से कर लें ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में थोड़ा भी विलम्ब न हो।

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिये मोबाइल आधारित एसएमएस या परामर्श देने की योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रत्येक फसल के संबंध में जानकारी होना चाहिये कि कितने क्षेत्र और कितनी मात्रा में फसल बोना चाहिये ताकि बंपर आवक के बावजूद किसानों को उनकी उपज का दाम मिले। ज्यादा उत्पादन के कारण मूल्य की कमी से किसान प्रभावित नहीं हो पाये। इसके लिये उन्होंने किसानों के डाटा बेस पर आधारित एक एप बनाने के निर्देश दिये ताकि किसान स्वयं अपना विवरण आसानी से दर्ज कर सकें। उन्होंने फसलों के संभावित खरीददारों को भी इस एप से जोडऩे पर विचार करने के लिये कहा। चौहान ने इस विषय से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श करने और रणनीति बनाने के लिये एक समिति बनाने के भी निर्देश दिये।

डिफाल्टर किसानों के लिये घोषित एक मुश्त सेटलमेंट योजना के संबंध में श्री चौहान ने आगामी सोमवार तक पूरी योजना का प्रारूप प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि डिफाल्टर किसानों को क्रेडिट योजना का लाभ फिर से मिलने लगे।

बैठक में मुख्य सचिव बी पी सिंह, अपर मुख्य सचिव ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक वर्णवाल, कृषि उत्पादन आयुक्त पी. सी. मीणा, सहकारिता, मंडी बोर्ड, मार्कफेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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