कांग्रेस-भाजपा के बिगाड़े तीसरी शक्ति ने समीकरण

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०-विनोद तिवारी
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। विधानसभा चुनाव २०१८ के लिए हुए मतदान को एक हफ्ते बीत जाने के बाद भी विन्ध्य क्षेत्र में किसकी हवा चली- यह सवाल सभी ओर चर्चा का विषय बना हुआ है, यह माना जा रहा है कि तीसरी मोर्चे के दलों ने भाजपा और कांग्रेस के मतों में सेंधमारी करके समीकरणों में भारी परिवर्तन कर दिया है, कई सीटों में तीसरी ताकत बनने को आतुर बसपा और सपा मुख्य मुकाबले में है। विधानसभा चुनाव २०१३ में मोदी लहर के बाद भी विन्ध्य में भाजपा और कांग्रेस का मुकाबला बराबरी था, इस वर्ष जिस तरह से कांग्रेस एकजुट हो चुनाव लड़ी और भाजपा और अन्य दलों के कई मजबूत नेताओं को कांग्रेस में शामिल कर उनको चुनाव लड़ाया उससे लग रहा था कि विन्ध्य में कांग्रेस मजबूत बनकर उभरेगी, उदाहरण के लिए भाजपा के पूर्व विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा का कांग्रेस में शामिल होकर रीवा से प्रदेश के प्रमुख मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ चुनाव लडऩे से श्री शुक्ल अपनी ही सीट में उलझे रहे और दूसरी सीटों में प्रचार करने नहीं जा सके, इसी प्रकार बसपा की पूर्व विधायक विद्यावती पटेल को कांग्रेस ने अंतिम समय में पार्टी में शामिल कर देव तालाब से चुनाव लड़ाया, इस कारण तीन बार से चुनाव जीत रहे भाजपा विधायक गिरीश गौतम के सामने मुश्किल खड़ी हो गई। आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी ने भी भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी कर दिया यही हाल सिंगरौली का हुआ जहां पूर्व महापौर रेनू शाह को बसपा से तोड़कर कांग्रेस ने अंतिम समय में चुनाव लड़ाया तो भाजपा प्रत्याशी रामलल्लू वैश्य को दिन में तारे दिखने लगे थे, लेकिन कांग्रेस की इस हवा को तीसरी ताकत के दलों ने ब्रेक लगा दिया। सतना जिले में बसपा सतना, रामपुर बाघेलान एवं रैगांव में कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ कर मुख्य मुकाबले में आ गयी वहीं मैहर में सपा प्रत्याशी रामनिवास उरमलिया एवं गोंगपा के मनीष पटेल ने कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी कर मुकाबले को नजदीकी बना दिया, यह हाल चित्रकूट, नागौद एवं अमरपाटन में बसपा ने किया है। इन सीटों पर हार जीत का फैसला बसपा को मिले वोटों के आधार पर होगी, अगर बसपा प्रत्याशी को ज्यादा वोट मिलते तो भाजपा प्रत्याशी लाभ में रह सकते हैं। रीवा जिले की बात करें तो सेमरिया में बसपा मुख्य मुकाबले में है इसी प्रकार गुढ़ एवं सिरमौर के सपा प्रत्याशियों ने कांग्रेस-बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी किया है, इससे परिणाम प्रभावित होगा, सीधी जिले की सीधी सीट में सपा प्रत्याशी केके सिंह भंवर राजा ने कांग्रेस-भाजपा प्रत्याशियों को पसीना छुड़ा दिया है। इतना ही नहीं कांग्रेस द्वारा दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल कर टिकट देने से कई नेता और कार्यकर्ता नाराज होकर घर लौट गये, इस कारण भीतरघात की भी आशंका है, भीतरघात के मामले में भाजपा में स्थित और खराब है। पार्टी ने जिन नेताओं को टिकट नहीं दिया वे खुलकर विरोध तो नहीं किया पर मन से पार्टी प्रत्याशी का प्रचार भी नहीं किया, इस हिसाब से देखा जाए तो विन्ध्य क्षेत्र में किसी पार्टी की हवा या लहर नहीं दिखी। इस मामले में कांग्रेस के विन्ध्य क्षेत्र के नेता अजय सिंह राहुल का कहना है कि यहां के परिणाम तीसरी ताकत के दलों बसपा, सपा, आप एवं सपाक्स के प्रदर्शन से प्रभावित रहेंगे, भाजपा सरकार के १५ वर्र्षो के कार्यकाल में किसानों ओर युवाओं के लिए कुछ नहीं, महंगाई से महिलाओं को घर चलाने में दिक्कत हुई, इस कारण किसानों, युवाओं एवं महिलाओं ने कांग्रेस के पक्ष में जमकर मतदान किया है, विन्ध्य क्षेत्र में कांग्रेस को इस चुनाव में दो गुनी सीटें मिलेंगी। वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता राजेन्द्र शुक्ल का कहना है कि विन्ध्य की जनता ने परिवर्तन को नकार दिया है, लिहाजा १८ से २० सीटें पूरे विन्ध्य में भाजपा को मिलेंगी, जनता को यह मालूम था कि कांग्रेस की सरकार आयी तो परिवर्तन नीचे की ओर होगा, ऐसे परिवर्तन से लोग सजग हो गये, वर्ष २००३ से लेकर लगातार प्रदेश की भाजपा सरकार ने अनेक योजनाएं बनाकर चहुंमुखी विकास करने का काम किया है, बाणसागर का पानी आज हर खेत में पहुंचा है तो वहीं सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल आज बनकर तैयार है, जनता ने भाजपा सरकार के विकास को स्वीकार किया है।

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