कांग्रेस : तकरार, इकरार और इंतजार

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०- देवदत्त दुबे
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। कांग्रेस पार्टी में खींचतान जारी है पार्टी में नए चेहरों की तलाश की जा रही है लेकिन जब तक वरिष्ठ नेताओं का मकसद नहीं बदलेगा तब तक पार्टी में अपेक्षित सुधार नहीं हो सकता। पार्टी नेताओं के बीच तकरार और इकरार के बाद कौन सी राह निकलती है इसका इंतजार सभी को है। पाँच राज्यों के मुख्यमंंत्रियों के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब दो घंटे तक खुलकार चर्चा की। इस संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है, हम सभी ने राहुल गांधी से पार्टी को पुर्नगठन करने के लिएक हा है, वे स्वतंत्र हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वे जल्दी फैसला लेंगे। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद जिस तरह से राहुल गांधी ने स्थिति की पेशकश करके पार्टी पदाधिकारियों को भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया है उससे पार्टी में नए रिसे से ना केवल नए चेहरों की तलाश की जारही है वरन पार्टी और नेतृत्व के प्रति आस्था भी परखी जा रही है। पांच राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि राहुल गांधी निर्णय लेने के करीब पहुंच गए होंगे क्योंकि पूरे देश में पार्टी के कार्यकर्ताओं को उनके अगले कदम का इंतजार है डेढ़ महीने में भी कांग्रेस नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश नहीं कर पाए आखिर में सब की तलाश राहुल गांधी के नाम पर ही पूरी हो रही है इन परिस्थितियों में राहुल गांधी का निर्णय ही पार्टी की दशा व दिशा तय करेगा। बहरहाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ आज शाम तक भोपाल लौट आएंगे और इसके बाद भी बजट सत्र की तैयारियों में जुटेंगे क्योंकि इस बार का सत्र आर्थिक लेखा-जोखा के साथ-साथ विधायकों के लेखे-जोखे का भी होगा। मंत्रिमण्डल विस्तार की फिलहाल कोई संभावना दिखाई नहीं देते बजट सत्र के बाद ही मंत्रिमण्डल का विस्तार हो जाएगा इस कारण बजट सत्र के पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ उन विधायकों को संतुष्ट करकेंगे जिन्हें वे अब तक मंत्री नहीं बनास पाए इसके लिए विभिन्न निगम मण्डलों में नियुक्तियां किए जाने की संभावनाएं यदि मुख्यमंत्री अपनी मंशा के अनुरूप प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति करा लेते तो फिर उन्हें प्रदेश में सत्ता और संगठन में निर्णय लेने में सुविधा होगी लेकिन दूसरी संभावना यह भी है कि अन्य गुटों के नेताओं को संभालना भी मुश्किल होगा क्योंकि गुटबाजी के चलते ही पार्टी प्रदेश में सत्ता और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय नहीं ले पा रही पार्टी नेताओं के बीच तकरार किसी से छिपी नहीं। दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किन किन मुद्दों पर पार्टी के नेताओं के बीच सहमति बनती है उसका इंतजार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े नेताओं को है।
०-नया इंडिया के कालम ”राजनैतिक गलियारा” से साभार)
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