कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के लिए ढाकोनिया,पटैरिया सहित कई नेताओं नाम भी शामिल

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के लिए ढाकोनिया,पटैरिया सहित कई नेताओं नाम भी शामिल

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भोपाल (हिन्द न्यूज सर्विस)। मध्यप्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर एक ओर जहां पार्टी के केन्द्रीय कमेटी में माथापच्ची का दौर जारी है। कांग्रेस के नेता और छिंदबाड़ा से नौ बार सांसद चुने जाने के बाद कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही राज्य में कमलनाथ जिनके पास इस समय प्रदेशाध्यक्ष का पद भी है। उनके स्थान पर किसी अनुभवी एवं उम्रदराज सर्वमान्य नेता को संगठन का मुखिया बनाने पर पार्टी में माथापच्ची चल रही है। अभीतक प्रदेश के संगठन की कमान पूर्व केन्द्रीय मंत्री ग्वालियर राजघराने के वारिस ज्योतिरादित्य राजे सिधिंया को सौपने की कोशिशें चल रही थी, लेकिन सिंधिया को पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व राहुल गांधी के द्वारा लोकसभा चुनाव में हुई हार की जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से त्याग पत्र देने और गांधी परिवार से हटकर किसी भी पार्टी के अन्य नेता को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की बात पर अडे रहने की वजह से अब राहुल गांधी के करीबी ज्योतिरादित्य राजे सिधिंया के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने चर्चा का दौर चलने की वजह से अब प्रदेश कांग्रेस के लिए भाजपा की तरह ओबीसी नेताओं को पार्टी दाव लगा सकती है। पार्टी की इस तरह की नीति के चलते अनुभवी और उम्रदराज नेता राजमणि और समाजवादी पृष्ठभूमि और विद्याचरण शुक्ल के करीबी, ओबीसी के कद्दावर नेता इन्दौर के मोहन ढाकोनिया के साथ – साथ दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे राजा पटैरिया जैसे नेताओं के नामों सामने आये हैं। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अलावा अभी तक पूर्व राष्ट्रपति शंकर शर्मा और गांधी परिवार के नाम पर राष्ट्रीय राजनीति चमकाने बाले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी जिन पर 2008 में प्रदेशाध्यक्ष की कमान रहते उस समय सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बितरण में पक्षपात और टिकटों के बेचे जाने का आरोप है। वहीं लोकप्रियता पर इस बात को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं कि पचौरी भले ही गांधी परिवार की बदौलत केंद्रीय में अहंम भूमिका निभाने रहे हो मगर उन्होंने आज तक सांसद, विधानसभा की तो बात छोडिए पार्षद के चुनाव नहीं तक में जीत नहीं हासिल करने का इतिहास तक नहीं लिखने का सौभाग्य तक नहीं हासिल कर पाया।वहीं इन नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह जो विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपने क्षेत्र विंध्य क्षेत्र में हार का स्वाद चख चुके हैं उनके अलावा सुभाष यादव के पुत्र अरुण यादव जो हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अपने ही पूर्व संसदीय क्षेत्र से हार गए थे, के नाम भी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौपने के चल रहे नामों शामिल है।

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