और भी कई शाक्य मौजूद हैं भाजपा में ?

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०-अवधेश पुरोहित
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भारतीय जनता पार्टी भले ही अपने आपको पार्टी बिथ-ए-डिफरेंस व राष्ट्रदेश भक्तों के साथ-साथ अपने चाल, चरित्र और चेहरे की दुहाई देती नजर आती है लेकिन यह हकीकत है कि भाजपा की कथन और करनी का फर्क उस समय आ जाता है जब वह सत्ता में होती है और सत्ता की इस मलाई को चखने की एक रेस सी चल पड़ती है। शायद यही वजह है कि भाजपा के नेताओं के बारे में सत्ता के आने के पूर्व जो स्थिति होती है वह सत्ता में आने के बाद उनके इस चाल, चरित्र और चेहरे में बदलाव दिखाई देने लगता है, तभी तो हर कोई सत्ता का लाभ उठाने के फेर में वह काम करने में लग जाता है जो भले ही समाज की नजर में अच्छे न हों, विगत १५ वर्षों से भाजपा सत्ता में है और इस कार्यकाल के दौरान भाजपा के नेता और कार्यकर्ता सत्ता का भरपूर लाभ उठाने में लगा हुआ है तो वहीं पार्टी में सक्रिय मंत्रियों अधिकारियों, सत्ता के दलालों और ठेकेदारों का जो रैकेट सक्रिय है उस रैकेट के चलते जहां सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाने का काम बदस्तूर जारी है तो वहीं सत्ता अहम में उसका लाभ उठाने के फेर में हर कोई लगा हुआ है तो कुछ लोग चाहे पार्टी का कार्यक्रम हो या मुख्यमंत्री का या कोई सरकारी योजना का जिसमें राज्य के मंत्रीमण्डल के सदस्य या मुख्यमंत्री भाग लेने वाले हों उनका लाभ उठाने होली की तरह चंदा वसूली करने में सक्रिय हैं हालांकि भाजपा के सत्ता में आने के पूर्व राजधानी में कुछ चंदाखोर सक्रिय हुआ करते थे लेकिन अब उनकी देखादेखी प्रदेश के दूरदराज के इलाकों तक इन चंदामामाओं की बाढ़ सी आ गई है। इसका उदाहरण हाल ही में प्रदेश में १५० दिन चली नमामि देवी नर्मदा यात्रा के अमरकंटक में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सम्पन्न होने वाले समारोह के लिये जहां सरकार द्वारा विधिवत रोजगार गारंटी के तहत हर उस यात्री को जो अमरकंटक भेजा गया उसे ५०० सौ रुपये उपलब्ध कराये गये और जैसा कि अमरकंटक में पहुंचे कई लोगों के द्वारा यह भी बताया गया कि उन्हें तीन सौ रुपये और तीन समय का खाना देने के वायदे के साथ लाया गया था लेकिन जो लाये थे वह मिल नहीं रहे और मैं भूखा घूम रहा हूँ, इस तरह की घटनाएं अमरकंटक में देखने को मिलीं, तो वहीं कई यात्रियों को सरकार द्वारा बकायदा वाहन उपलब्ध कराये गये थे लेकिन फिर भी इन चंदामामाओं ने राज्यभर में प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम के नाम पर भरपूर चंदाखोरी की खैर यह पार्टी का अपना मामला है वह इन चंदामामाओं को किस तरह से देखता है, लेकिन बात केवल चंदामामाओं की नहीं भाजपा के शासनकाल में ऐसे लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है जो भाजपा का जामा पहनकर शराब का अवैध कारोबार करने में लगे हुए हैं तो वहीं इस तरह के कारोबार में सत्ता का लाभ उठाकर कई विधायक भी शामिल हो गए हैं जिन्होंने अपने बीयर बार और होटल इस दौरान खोल रखे हैं तो वहीं अलीराजपुर की गुजरात सीमा पर बने एक भाजपा के विधायक का बीयर बार चर्चाओं में है जो २४ घंटे धड़ल्ले से चलता है। खैर, यह भाजपा नेेताओं का अपना कारोबार है। लेकिन बात यदि भाजपा के कारोबार की करें तो सत्ता के मद का जामा पहनकर अवैध रेत खनन का कारोबार भी पूरे प्रदेश में पनपा विगत दिनों जिस नमामि देवी नर्मदा सेवा जो कि प्रदेश में १५० दिन तक चली उसका समापन प्रधानमंत्री की मौजूगी में सम्पन्न हुआ उसी नर्मदा की छाती को छलनी करने का काम करने में अन्य दलों और कारोबारियों की जगह भाजपा के नेताओं की संख्या कुछ अधिक बताई जाती है, यही नहीं इस कारोबार में मुख्यमंत्री के परिजन हैं जिनके डम्पर इसी यात्रा के दौरान पकड़ में आये थे। खैर, यह तो सत्ता की चाशनी है जो जिस तरह से चखने में लगा है वह अपने-अपने तरीके से चख रहा है तो वहीं भाजपा का जमा पहनकर और भगवा दुपट्टा डालकर भी कई लोग भाजपा के नेताओं के संरक्षण में कई अवैध कारोबार भी करने में लिप्त हैं, हालांकि यह कहकर पार्टी में ालखों कार्यकर्ता हैं सभी को आचरण ठीक करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है किसी एक के किसी एक के कारण संगठन पर प्रश्नचिन्ह अनुचित है, इस तरह की सफाई देकर भाजपा के प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के मीडिया प्रभारी नीरज शाक्य को सैक्स रैकेट के कारोबार पर पर्दा नहीं डाला जा सकता, क्योंकि सत्ता का जामा पहनकर ही लोग इस तरह के काले कारनामे करते रहे हैं भाजपा के नेताओं को याद होगा कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान भी इस तरह के कई मामले उजागर हुए हैं और उस समय सदन से लेकर सड़क तक भाजपा नेताओं ने इस तरह के देह व्यापार के कारोबारियों के खिलाफ हंगामा खड़ा किया है। लेकिन पता नहीं अब ऐसा क्या हो गया कि वह अपनी ही पार्टी के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नजर नहीं डाल पा रहे हैं जो सत्ता का चोला ओड़कर कई तरह के अनैतिक कार्यों में लिप्त हैं। कहने को तो यह दावा भी किया जाता है कि हमारी पार्टी का चाल-चरित्र और चेहरा अन्य दलों से भिन्न है लेकिन भाजपा के १५ वर्ष के शासनकाल में सत्ता की चाशनी चखने के लिये कई सत्ता के दलाल और इस तरह के अवैध कारोबारी भी जुड़ गए हैं, वह तो अपनाखेल दिखाएंगे ही लेकिन पार्टी के नेताओं को ऐसे कलाकारों पर नजर रखना चाहिए यह भी सही है कि र्पाी एक समूह में और समूह में हर प्रकार के लोग होते हैं जिनमें इस प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा में होने के साथ ही जो एक-एक पौवा का अवैध शराब के रूप में बेचकर कारोबार कर रहे हैं। तो वहीं इसी पार्टी में ऐसे नेता भी हैं जिनकी हैसियत शिवराज सरकार के त्ता में आने के पूर्व टूटी साइकिल तक खरीदने की नहीं थी और प्रदेश भर में ऐसे भी कई नेता मिल जाऐं जो पंचर जोडऩे का काम किया करते थे लेकिन आज वह इस प्रदेश में बह रही ऊपर से लेकर नीचे तक की भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डुबकी लगाकर आलीशान भवनों और लग्जरी कारों के मालिक हो गए। इस तरह के आरोप एक बार नहीं अनेकों बार सुश्री उमा भारती ने उस दौरान लगाये जब वह तत्कालीन भारतीय जनशक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करती थीं लेकिन आज भले ही उमा भारती भाजपा में वापसी हो गई हो लेकिन उनके द्वारा लगाये गये यह आरोप आज भी भाजपा के उन नेताओं पर चस्पा होते नजर आ रहे हैं जिनकी हैसियत शिव सरकार के आने के पूर्व क्या थी और अब क्या है, सवाल यह उठता है तो यदि कुबेर की उनकी मेहरबानी हुई तो जोइस सरकार की जनहितैषी योजनाओं को चलाये जाने के बाद आज भी प्रदेश् की कुल आबादी सात करोड़ २३ लख में पाँयच कराड़ ४४ लाख लोग गरबी रेखा की जीवन जिंदगी जी रहे हैं और भुखमरी की स्थिति यह है कि प्रदेश सरकार को ऐसे लोगों की पेट की आग बुझाने के लिये पाँच रुपये में भरपेट भोजन के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना चलाना पड़ रही है। खैर, ऐसे लोगों के लिये जो अवैध कारोबार, अनैतिक कार्यों का गोरखधंधा करते हैं उनके लिये तो सत्ता किसी की भी हो और वह उसका लाभ आंधी के आमों की तरह उठाने के प्रयास में रहते हैं और शायद इसी प्रकार की कोशिशों में नीरज शाक्य जैसे कई कारोबारी पार्टी का चोला ओड़कर अपना गोरखधंधा करने में लगे हुए हैं।

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