ओडिशा-भुवनेश्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू

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भुवनेश्वर। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार से भुवनेश्वर में शुरू हुई। हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के साथ ही भाजपा ने ओडिशा के पंचायत चुनाव में भी अच्छी सफलता हासिल की थी। भाजपा का 2019 का एक मिशन ओडिशा हैं, जहां पर पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाना चाहती है। इसी के चलते 15 और 16 अप्रैल को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भुवनेश्वर में रखी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को भुवनेश्वर पहुंच चुके हैं। हवाईअड्डे से राजभवन तक मोदी के रोड शो में कई सांस्कृतिक दलों ने कार्यक्रम पेश किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भुवनेश्वर पहुंच चुके हैं और वहां वह मेगा रोड शो कर रहे हैं। एयरपोर्ट से निकलने के बाद उन्होंने रोड शो भी किया। इस रोड में वे करीब 8 किमी तक लोगों से मिले।

ओडिशा में पार्टी को जीत दिलाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री ने बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार को ओडिशा का नववर्ष था जिसके लिए अमित शाह भाजपा के दफ्तर पहुंचे थे वहां पर उनका 74 कमल की फूलों की मालाओं से कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा स्वागत किया गया था। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों में भाजपा की सरकार बनने के बाद पार्टी अब आगामी चुनावों को लेकर रणनीति को लेकर अभी से गंभीर हो गई है।

राज्य भाजपा के प्रवक्ता सज्जन शर्मा ने बताया कि मोदी प्रार्थना के लिए विख्यात लिंगराज मंदिर भी जाएंगे। बैठक में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री जनता मैदान में जनजातीय समुदाय के छात्रों से मिलेंगे। ओडिशा में होने वाली इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में भाजपा के पदाधिकारियों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 13 भाजपा शासित 13 राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री भी शामिल होंगे।

इससे पहले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक 1997 में भुवनेश्वर में ही हुई थी। इस बैठक के बाद 26 दिसंबर को बीजू पटनायक ने जनता दल से अलग बीजेडी का गठन किया था और 1998 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी ने भाजपा की अगुवाई में एनडीए साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। 2000 में नवीन पटनायक की अगुवाई में ओडिशा में एनडीए की सरकार बनी थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन टूट गया था। लेकिन दो महीने पहले हुए ओडिशा नगरपालिका और पंचायत चुनाव के चुनाव में भाजपा को जनता का जमकर समर्थन मिला। भाजपा को 850 सीट में से 306 सीटें मिलीं। बीजेडी को भी 191 और कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान हुआ। 2012 के नगर पालिका और निकाय के चुनाव में भाजपा को 36 सीटें ही मिली थीं।

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