ई-नाम के मामले में छत्तीसगढ़ का बेहतर प्रदर्शन

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०-अवधेश पुरोहित
रायपुर। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मध्यप्रदेश ही नहीं देश में जिन-जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकारें हैं उन प्रदेशों के सत्ताधीशों द्वारा किसान हितैषी होने का दावा किया जा रहा है लेकिन उसके बावजूद भी मध्यप्रदेश में किसानों में पनप रहे आक्रोश के पीछे के कारणों का पता लगाने जहां सत्ताधीशों से लेकर भारतीय जनता पार्टी और संघ के नेता लगे हुए हैं और हर कोई यह जानने की जुगत में है कि आखिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश के किसानों की खेती को लाभ का धंधा का ढिंढोरा पीटने के बावजूद भी किसानों की खेती लाभ का ध्ंाधा क्यों नहीं बन सकी जबकि इसी दौरान इस प्रदेश में रेत का धंधा खेती से कहीं ज्यादा लाभकारी दिखाई दे रहा है इसके पीछे के क्या कारण हैं, इसकी खोज में इन दिनों भाजपा का सत्ता और संगठन लगा हुआ है, लेकिन इस सबके बावजूद भी छत्तीसगढ़ जो इस राज्य से अलग होकर २००० में स्थापित हुआ, वहां की सरकार ने अपने प्रदेश के किसानों को वह हर संभव कृषि सुविधायें उपलब्ध कराई तो वहीं केन्द्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिानिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) और साईल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराये पिछले दिनों राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों सहित देश के सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की एक समीक्षा बैठक केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने आयोजित की, उस बैठक में इन दोनों मामलों में लचर प्रदर्शन के लिये जहां राजस्थान को लताड़ लगाई गई तो वहीं ई-नाम में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने के लिये छत्तीसगढ़ की सराहना की गई तो वहीं साईल हेल्थ कार्ड का काम पूरा करने के लिये केन्द्र ने राज्य सरकारों को तीन माह की मोहलत दी, कृषि मंत्रियों की इस बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में ई-नाम के तहत अपनी सभी १४ मंडियों को पूरी तरह कम्पयूटरीकृत कर दिया है ऐसा करने वाला यह देश का पहला राज्य है। इसी तरह साईल हेल्थ कार्ड बनाने में छत्तीसगढ़ ने सौ फीसदी से अधिक सफलता हासिल की है, तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किये गये इस तरह के कार्यों में सफलता अर्जित करने के लिये कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ से सीख लेने के लिए सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों से कहा, सवाल यह उठता है कि छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य जिसके कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल हैं, उनकी देखरेख और उनकी कार्यशैली में और निर्देशन में छत्तीसगढ़ ने दोनों मामलों में इतनी सफलता अर्जित की जिसे लेकर लोग कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की सराहना करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि मध्यप्रदेश में जहां जिसके सत्ता के मुखिया शिवराज सिंह चौहान से लेकर राज्य के कृषि मंत्री राज्य में बेहतर कृषि सेवाओं का ढिंढोरा पीटते नजर आ रहे हैं मगर केन्द्र शासन के द्वारा लागू इलेक्ट्रानिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) और साईबर हेल्थ कार्ड के मामले को लेकर मध्यप्रेश की कहीं कोई चर्चा सुर्खियों में नहीं है, इसके पीछे के क्या कारण हैं। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं तो वहीं लोग बृजमोहन अग्रवाल की कार्यशैली की प्रशंसा करते दिखाई दे रहे हैं।

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