इतिहास को दोहराने वाली तस्वीर की चर्चा

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भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। भारतीय जनता पार्टी के दो दिन की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दूसरे दिन समापन सत्र की एक तस्वीर लगभग सभी अखबारों में छपी है। इसमें आगे की कुर्सी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राज्यसभा में पार्टी के नेता व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली बैठे हैं। शाह ओर जेटली के बीच पीछे से योगी आदित्यनाथ झुक कर खड़े हैं और शाह से कुछ कह रहे हैं। इसके साथ ही करीब सात-आठ साल पुरानी एक बिल्कुल ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर हो रही है, जिसमें आगे की कुर्सी पर लालकृष्ण आडवाणी, बतौर अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली बैठे हैें और पीछे से झुक कर तब के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी कोई बात कह रहे हैं। इन दोनों तस्वीरों के बहाने इतिहास के दोहराने की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं का एक बड़ा तबका इन दोनों तस्वीरों में समानता देख रहा है और कह रहा है कि जैसे मोदी पीछे से िनकल कर आगे आए वैसे ही योगी भी आयेंगे। ध्यान रहे रामलीला मैदान में दो दिन की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश भर से आए भाजपा कार्यकताओं के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र योगी आदित्यनाथ रहे। पांच साल पहले जैसी उत्सुकता, जिज्ञासा नरेन्द्र मोदी को देखने और सुनने की थी। वैसे ही बैचेनी योगी को लेकर थी। योगी के मंच पर आने के समय जोरदार तालियां बजीं और जयश्रीराम के नारे लगे। भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जैसी उम्मीद पांच साल पहले नरेन्द मोदी से जोड़ी थी, वैसे उम्मीद अब योगी आदित्यनाथ से जोड़ रहे हैं। उनको लग रहा है कि हिन्दू राष्ट्र का एजेंडा योगी ही आगे बढ़ा सकते हैं। तभी सोशल मीडिया में योगी और उनके समर्थक उनमें भविष्य का नेता देख रहे हैं। हालांकि उनके अपने भविष्य का फैसला उत्तरप्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों से होगा।
०-नया इंडिया के कालम ”राजरंग” से साभार)
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