इंता हो गई इंतजार की आई ना खबर उम्मीदवार की

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०- देवदत्त दुबे
भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। केवल इन्दौर लोकसभा सीट को छोड़ कर कांग्रेस ने सभी २८ सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर िदए हैं लेकिन भाजपा अभी तक केवल २२ सीटों पर ही प्रत्याशी घोषित कर पाई है अभी भी सात सीटों पर पार्टी के नेता अपने उम्मीदवार का इंतजार कर रहे हैं जिसमें भोपाल, इन्दौर, विदिशा और सागर जैसे भाजपा के गढ़ माने जाने वाले लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। दरअसल देश में मध्यप्रदेश भाजपा का संगठन की दृष्टि से सबसे मजबूत राज्य माना जाता रहा है पिछले १५ वर्षों से जहां लगातार भाजपा की सरकार रही है वहीं २०१४ के लोकसभा चुनाव में २९ से २७ सांसद भाजपा के जीते थे लेकिन २०१८ में प्रदेश मेें भाजपा सत्ता से क्यों बाहर हुई पार्टी की दशा और िदशा ही बदल गई। संगठन इतना कमजोर हो गया कि वह २९ सीओं पर ऐसे जिताऊ उम्मीदवार की लिस्ट नहीं तैयार कर पाया जिसमें से कि पार्टी हाईकमान १२ बैठकों के बाद हरी झंडी दे पार्टी का हाईकमान देशव्यापी चुनाव में व्यस्त ना होता तो यह जरूर प्रदेश के नेताओं से पूछता कि प्रदेश में भाजपा के इस खोखला बनाने के लिए कौन जिम्मेदार है बालाजी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब भी प्रदेश में पार्टी के हारों के कारों के बारे में पूछा जाता है वहीं कहते हैं कि किस के तीन कारण हैं शिवराज शिवराज और शिवराज ऐसा उत्तर शिवराज सिंह शायद इसलिए देते होंगे क्योंकि पिछले १३ वर्षों में पार्टी में पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के जो भी फैसले सत्ता और संगठन दोनों पर शिवराज सिंह का एकछत्र राज्य रहा यही कारण है कि कोई और आरोप लगाए शिवराज सिंह स्वयं ही अपने ऊपर जिम्मेदारी ले लेते क्योंकि भाजपा के छोटे से कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेता तक इन १३ वर्षों में किसी भी जीत के लिए उसका श्रेय श्री शिवराज सिंह को ही देते रहे। बहरहाल शनिवार की शाम को कांग्रेस ने तीन सीटों पर और प्रत्याशी घोषित करके भाजपा पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ा दिया है की प्रदेश में कांग्रेस मुक्त का नारा देने वाले भाजपा से बेहतर स्थिति में है जिसने अब तक २८ सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, इन्दौर सीट इसलिए रह गई है किपार्टी वहां भी भोपाल जैसी मुश्किल भाजपा के सामने पैदा करना चाहती है उधर भाजपा से प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ आमजन भी इंतजार कर रहा है जैसा पहले कभी कांग्रेस में होता था कि टिकट के दावेदार भोपाल और दिल्ली में महीनों से चक्कर लगा रहे और उधर उनके क्षेत्रों में उनके समर्थक सोशल मीडिया पर सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी पोस्ट कर देते हैं जिसमें एक-एक सीट पर तीन चार लोगों की टिकट पक्का होने की खुशी में पटाखे हैं पार्टी हाईकमान है कि देशव्यापी चुनाव में इस कदर व्यस्त हैं मध्यप्रदेश पर उलझी हुई वृद्धि को समझाने का समय ही नहीं मिल रहा है। इस इंतजार में भाजपा के कार्यकर्ता थ्रराश तो हो रहे हैं। इन्हें कांग्रेसी बिछड़ जाने का डर भी सता रहा है। कुल मिलाकर इंतजेा हो गई है इंतजार की आई ना अब तक खबर उम्मीदवार की। कुछ ऐसा ही हाल भाजपा कार्यकर्ताओं का हो गया है उन लोगों के भी दावे झूठे पड़ जाते हैं जो सुबह से कहने लगते हैं कि आज शाम तक लिस्ट आ जाएगी उन्हें इसका या उसका टिकट पक्का हो जाएगा जिस तरह से चुनाव की तारीख नजदीक आ रहे हैं उससे जाना चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं के इंतजार की घडिय़ां आज या कल में पूरी हो जाएं।
०-नया इंडिया के कालम ”राजनैतिक गलियारा” से साभार)
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