आरक्षण आंदोलन- रेलवे ट्रैक पर बैठे गुर्जर

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जयपुर। (हिन्द न्यूज सर्विस)। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय के नेता किरौड़ी सिंह बैंसला अपने समर्थकों के साथ ट्रेन की पटरियों पर बैठे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि गुर्जर समुदाय की मांग को पूरा करना प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और मुख्यमंत्री (अशोक गहलोत) के लिए बड़ा काम नहीं होना चाहिए। बैंसला ने इस बार के आंदोलन को आर-पार की लड़ाई बताया है। वहीं, ट्रैक पर जारी प्रदर्शन के कारण कई रेल यातायात पर काफी असर पड़ा है। अब तक 14 ट्रेनें कैंसल की जा चुकी हैं और 20 रेलगाडिय़ों के मार्ग बदले गए हैं।

शनिवार को करौली-हिंडौन सड़क मार्ग पर स्थित गुडला गांव में गुर्जरों ने सड़क पर अवरोध लगाकर जाम कर दिया। इससे करौली-हिंडौन सड़क मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। जाम के कारण रोडवेज ने बसों का संचालन बंद कर दिया। वहीं सैकड़ों निजी वाहनों के भी जाम में फंसने के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्री परेशान हो रहे हैं। जाम के कारण आवश्यक कार्य से करौली-हिंडौन मार्ग पर आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शादी विवाह का सीजन होने के कारण भी लोगों को शादियों में पहुंचने को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

बैंसला ने कहा, ‘हमारे पास अच्छे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हैं। हम चाहते हैं कि वे गुर्जर समुदाय की मांगें सुनें। उनके लिए आरक्षण देना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है।’ उन्होंने शुक्रवार को कहा था, ‘राज्य सरकार (अशोक गहलोत सरकार) को अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए। हालात बदल गए हैं, इस बार हम चूकेंगे नहीं।Ó

उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा है कि सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं हो। आम आदमी, महिलाएं और व्यापारी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। इससे पूर्व बैंसला ने महारना में ही महापंचायत करके आंदोलन की घोषणा की।

शुक्रवार को भी 25 ट्रेनों पर असर पड़ा था। सवाईमाधोपुर के मलारना स्टेशन और नीमोदा रेलवे स्टेशन के बीच गुर्जरों ने ट्रैक पर ही तंबू लगा लिया है और अलाव जलाकर बैठे हैं। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया।

आंदोलनकारियों का कहना है कि इस बार गुर्जर समाज ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला केनेतृत्व में आर पार की लड़ाई लडऩे का संकल्प लिया है। जब तक सरकार द्वारा गुर्जर समाज को 5 फीसदी आरक्षण नहीं दे दिया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जाम कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के आदेश पर लगाया गया है और उनके आदेश पर ही खोला जाएगा।

वहीं, गहलोत सरकार का कहना है कि वह बात करने के लिए तैयार है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री मस्टर भंवर लाल और सीनियर सरकारी अधिकारियों की एक समिति प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए बनाई गई है।

गौरतलब है कि राज्य में गुर्जरों के आंदोलन का मुद्दा 14 साल से चल रहा है और शुक्रवार से एक बार फिर प्रदर्शन ने तेजी पकड़ी है। गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका-रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जर को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत अलग से आरक्षण मिल रहा है।

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