अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहला स्वतंत्रता दिवस, राज्यपाल मलिक बोले-पहचान से नहीं होगी कोई छेड़छाड़

0
15

श्रीनगर। (हिन्द न्यूज सर्विस)। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर में स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आजादी के 72 सालों में कश्मीर वासियों ने आज नए माहौल में स्वतंत्रता दिवस मनाया। अनुच्छेद 370 को कमजोर किए जाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद ये पहला स्वतंत्रता दिवस है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में ध्वाजारोहण किया। इस बार कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी मौजूद थे।

तिरंगा फहराने के बाद राज्यपाल ने प्रदेश की जनता को संबोधित किया। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राज्य के लोगों की पहचान दांव पर नहीं है और न ही इससे कोई छेड़छाड़ की जा रही है। इसको लेकर उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। हमारा संविधान क्षेत्रीय पहचान को पनपने और समृद्ध करने की अनुमति देता है।

मलिक ने कहा, कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। प्रशासन उनके कश्मीर में घर वापसी और पुनर्वास को लेकर प्रतिबद्ध है। यह कश्मीर के सभी हितधारकों के सहयोग और समर्थन से ही संभव हैं जिसमें घाटी के लोग भी शामिल हैं जो कश्मीरी पंडितों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक तौर पर बंधे हुए हैं।”

मलिक ने अमरनाथ यात्रा के दौरान प्रशासन की मदद करने के लिए लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “पवित्र गुफा के दर्शन के लिए तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंचे। हज और अमरनाथ यात्रा का आयोजन बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जो कश्मीरियत का सच्चा उदाहरण है। इससे यह दिखता है कि उनके बीच सांप्रदायिक सौहार्द कितना घनिष्ठ है।”

राज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “यह केवल हमारे सुरक्षाबलों की वीरता और साहस है, जिसके कारण आतंकवाद की कमर टूटी। हाल के दिनों में आतंकवाद और पथराव की घटनाओं में कमी आई।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है और सशस्त्र बलों की सतत कार्रवाई से आतंकवादियों ने हार मान ली है। मलिक ने कहा कि आतंकवादियों की भर्ती और जुमे की नमाज के बाद पत्थराव की घटनाओं में भारी कमी आई है।

दोनों केंद्र शासित प्रदेशों से हर्षोउल्लास के बीच जश्न-ए-आजादी की जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें सुकून की लकीरें साफ दिख रही थीं। एक तरफ जहां कश्मीर में भारतीय झंडा हाथ में लिए लोग एक-दूसरे को इस मौके पर बधाई देते दिखे वहीं लद्दाख के लेह में सेना के जवानों की मौजूदगी में यहां के युवाओं ने कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कि।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि बुधवार को श्रीनगर सहित कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधों में ढील दी गई। हालांकि,घाटी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ प्रतिबंध जारी हैं। अधिकारी ने बताया कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद से कश्मीर में शांति बनी हुई है।

००००००००००

LEAVE A REPLY